Chakia: बद्रीनाथ सर्जिकल सेंटर में मौत का खेल, जिम्मेदार मौन , बद्रीनाथ सर्जिकल सेंटर में ऑपरेशन-डिलीवरी के आरोप, महिला की मौत के बाद भी फिर शुरू हुआ संचालन
चकिया जिला संयुक्त चिकित्सालय के पीछे घटमापुर वार्ड नंबर 4 में संचालित बद्रीनाथ सर्जिकल सेंटर पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

बद्रीनाथ सर्जिकल सेंटर में मौत का खेल, जिम्मेदार मौन
-बद्रीनाथ सर्जिकल सेंटर में ऑपरेशन-डिलीवरी के आरोप
-महिला की मौत के बाद भी फिर शुरू हुआ संचालन
चंदौली। चकिया जिला संयुक्त चिकित्सालय के पीछे घटमापुर वार्ड नंबर 4 में संचालित बद्रीनाथ सर्जिकल सेंटर पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जच्चा-बच्चा के संपूर्ण इलाज के नाम पर चल रहे इस केंद्र में बच्चों के उपचार के साथ ऑपरेशन और डिलीवरी कराए जाने के आरोप हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां मरीजों के इलाज का जिम्मा कथित रूप से अप्रशिक्षित लोगों के हाथों में है। केंद्र में करीब 10 बेड संचालित होने की भी बात सामने आई है, जबकि अस्पताल में चिकित्सकीय स्टाफ, संसाधनों और निर्धारित मानकों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
डिलीवरी के दौरान महिला की मौत, फिर भी दोबारा खुला सेंटर
मामला इसलिए और गंभीर हो जाता है क्योंकि स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ माह पहले इसी केंद्र पर डिलीवरी के दौरान एक महिला की मौत हो गई थी। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने केंद्र को सील किया था। इसके बावजूद कुछ समय बाद सेंटर दोबारा संचालित होने लगा। अब सवाल यह है कि सील किए गए केंद्र को दोबारा खोलने से पहले क्या विभाग ने मौके पर जांच की थी, क्या अस्पताल के पंजीकरण, डॉक्टरों की योग्यता, स्टाफ और चिकित्सकीय संसाधनों का सत्यापन किया गया। यदि जांच के बाद कमियां दूर हुईं तो इसकी जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की गई और यदि कमियां दूर नहीं हुईं तो दोबारा संचालन कैसे शुरू हुआ।
ऑपरेशन और डिलीवरी की सुविधा, विशेषज्ञ डॉक्टर कहां
स्थानीय लोगों का आरोप है कि केंद्र में गंभीर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के सामने यह जांचना जरूरी है कि वहां कौन-कौन चिकित्सक मरीजों का उपचार कर रहे हैं और उनकी योग्यता व पंजीकरण क्या है। ऑपरेशन और प्रसव जैसी सेवाओं के लिए आवश्यक उपकरण, प्रशिक्षित स्टाफ और आपातकालीन व्यवस्था मौजूद है या नहीं, इसकी भी जांच होनी चाहिए। मरीजों की जिंदगी से जुड़े मामले में केवल बोर्ड लगाकर अस्पताल चलाना पर्याप्त नहीं हो सकता।
स्वास्थ्य विभाग की निगरानी पर भी सवाल
सबसे बड़ा सवाल स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर है। जब केंद्र जिला संयुक्त चिकित्सालय के पीछे ही संचालित हो रहा है तो विभाग की नजर यहां तक क्यों नहीं पहुंची, पूर्व में सील होने के बाद दोबारा संचालन की जानकारी विभाग को कैसे मिली और अब तक विस्तृत जांच क्यों नहीं हुई। स्थानीय लोगों ने मामले की तत्काल जांच कराकर यदि अनियमितता मिले तो कठोर कार्रवाई की मांग की है।
वर्जन-
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. परितोष मिश्रा ने मामले की जानकारी होने की बात कही। उन्होंने बताया कि मामले की जांच कराकर जल्द कार्रवाई की जाएगी।
अब निगाह स्वास्थ्य विभाग की जांच पर है। सवाल सिर्फ एक अस्पताल का नहीं, मरीजों की जिंदगी का है। यदि केंद्र नियमों के मुताबिक संचालित हो रहा है तो जांच में स्थिति साफ हो जाएगी और यदि नियमों की अनदेखी मिलती है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई जरूरी होगी।




