चंदौली

आंधी ने उजाड़े आशियाने, प्रशासन बेखबर: चकिया में लाखों का नुकसान, लेखपाल का मोबाइल बंद

बुधवार शाम आई तेज आंधी और तूफान ने चकिया क्षेत्र में भारी तबाही मचाई। कई गरीब परिवारों के आशियाने उजड़ गए तो कहीं पशुपालन और व्यवसाय पूरी तरह बर्बाद हो गया।

आंधी ने उजाड़े आशियाने, प्रशासन बेखबर: चकिया में लाखों का नुकसान, लेखपाल का मोबाइल बंद

चकिया, चंदौली। बुधवार शाम आई तेज आंधी और तूफान ने चकिया क्षेत्र में भारी तबाही मचाई। कई गरीब परिवारों के आशियाने उजड़ गए तो कहीं पशुपालन और व्यवसाय पूरी तरह बर्बाद हो गया। प्राकृतिक आपदा के बाद पीड़ित परिवार मदद की आस लगाए बैठे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अब तक मौके से गायब हैं।

महादेवपुर कला गांव निवासी रामाश्रय कुमार पुत्र सोमन राम का गौशाला पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। तेज तूफान में गौशाला का टीन शेड उड़ गया, घर की पक्की दीवार भरभराकर गिर पड़ी और घरेलू सामान भी क्षतिग्रस्त हो गया। पीड़ित परिवार के सामने अब पशुओं को सुरक्षित रखने और रहने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।

वहीं हेतिमपुर गांव निवासी हाफिज नसीम अहमद का मुर्गी फार्म आंधी की चपेट में आकर पूरी तरह ध्वस्त हो गया। फार्म गिरने से करीब एक हजार मुर्गी के बच्चे दबकर मर गए। देखते ही देखते मेहनत और पूंजी दोनों मलबे में तब्दील हो गए। पीड़ित ने बताया कि इस हादसे से उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।

क्षेत्र में कई स्थानों पर पेड़ उखड़ने, टीन शेड उड़ने और दीवारें गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि आपदा के बाद भी क्षेत्रीय लेखपाल का मोबाइल बंद बता रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारी हालात जानने तक नहीं पहुंचे हैं।

पीड़ित परिवारों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल सर्वे कराकर आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा देने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते मदद नहीं की तो प्रभावित परिवारों के सामने भुखमरी जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।

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