शहाबगंज: कागजों में बहा 3.97 लाख, वनभीषमपुर गांव में सूखे हैंडपंप, प्रधान व सेक्रेटरी पर बड़ा घोटाला का आरोप
शहाबगंज विकासखंड के वनभीषमपुर गांव में विकास कार्यों के नाम पर बड़ा खेल उजागर हुआ है। यहां हैंडपंप रिबोर के नाम पर ₹3,97,851 का घोटाला सामने आया है, जिसमें ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

कागजों में बहा 3.97 लाख, गांव में सूखे हैंडपंप, प्रधान–सेक्रेटरी पर बड़ा घोटाला
चंदौली। शहाबगंज विकासखंड के वनभीषमपुर गांव में विकास कार्यों के नाम पर बड़ा खेल उजागर हुआ है। यहां हैंडपंप रिबोर के नाम पर ₹3,97,851 का घोटाला सामने आया है, जिसमें ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि जिन हैंडपंपों का कागजों में रिबोर दिखाया गया, वे आज भी पानी देने में नाकाम हैं। धरातल पर कोई काम नहीं हुआ, लेकिन फाइलों में सब पूरा दिखाकर सरकारी धन की निकासी कर ली गई। इससे गांव में पानी की समस्या जस की तस बनी हुई है, जबकि कागजों में विकास का ढोल पीटा जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई छोटी गड़बड़ी नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से किया गया बंदरबांट है, जिसमें जिम्मेदारों ने सरकारी पैसे को मिलकर हजम कर लिया।
मामले पर खंड विकास अधिकारी दिनेश सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि शिकायत मिली है और जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अब सवाल यह उठता है कि जब कागजों में ही विकास होगा, तो ग्रामीणों को राहत कब मिलेगी, आखिर कब तक अधिकारी जांच का हवाला देकर ऐसे घोटालों पर पर्दा डालते रहेंगे, ग्रामीणों ने दोषी प्रधान व सेक्रेटरी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई और धन की वसूली की मांग की है।



