नर्सरी सीजन में सूखा पड़ा नेवाजगंज पंप कैनाल, किसान बोले, मरम्मत के नाम पर बजट हजम, खेतों तक नहीं पहुंचा पानी
धान की नर्सरी के सबसे महत्वपूर्ण दौर में चकिया ब्लॉक के नेवाजगंज पश्चिमी पंप कैनाल की बदहाल व्यवस्था ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने पंप कैनाल का निरीक्षण कर सिंचाई व्यवस्था की पोल खोल दी।

नर्सरी सीजन में सूखा पड़ा नेवाजगंज पंप कैनाल, किसान बोले— मरम्मत के नाम पर बजट हजम, खेतों तक नहीं पहुंचा पानी
चकिया, चंदौली। धान की नर्सरी के सबसे महत्वपूर्ण दौर में चकिया ब्लॉक के नेवाजगंज पश्चिमी पंप कैनाल की बदहाल व्यवस्था ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने पंप कैनाल का निरीक्षण कर सिंचाई व्यवस्था की पोल खोल दी। किसानों का आरोप है कि करोड़ों की योजनाओं और मरम्मत के दावों के बावजूद पंप कैनाल महीनों से ठप पड़ा है, जिससे सैकड़ों किसानों की खेती संकट में पड़ गई है।
निरीक्षण के दौरान किसान विकास मंच के संघर्षशील नेता नितेश कुमार गुप्ता ने बताया कि 15 मार्च के बाद से पंप कैनाल को नियमित बिजली नहीं मिली। मरम्मत और रखरखाव के नाम पर हर वर्ष धनराशि खर्च होने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि 13 मार्च की आंधी में गिरे पेड़ को आज तक नहीं हटाया गया, जिसके कारण विद्युत आपूर्ति बाधित है और पूरा तंत्र किसानों को राहत देने में नाकाम साबित हुआ है।
किसान नेताओं ने बताया कि समस्या को लेकर सिंचाई विभाग और विद्युत विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों से बात तक नहीं हो सकी। इससे किसानों में भारी नाराजगी है। संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने अधिकारियों से वार्ता कर स्थिति की जानकारी ली, जिस पर विभागीय अधिकारियों ने बिजली आपूर्ति में तकनीकी बाधाओं का हवाला दिया।
सहायक अभियंता ने बताया कि नेवाजगंज पंप कैनाल को चंदौली से लगभग 70 किलोमीटर दूर स्थित स्वतंत्र फीडर से बिजली मिलती है, जो आंधी-तूफान के दौरान बार-बार प्रभावित हो जाती है। वहीं विद्युत विभाग के अधिकारियों ने दावा किया कि फिलहाल ग्रामीण बिजली से एक मोटर संचालित कर पानी देने का प्रयास किया जा रहा है और एक सप्ताह के भीतर आपूर्ति सामान्य करने की योजना है।
हालांकि किसानों का कहना है कि केवल बिजली ही समस्या नहीं है। किसान नेता सरोज कुमार यादव ने आरोप लगाया कि नहर की पटरी भी इतनी मजबूत नहीं है कि पांचों मोटर एक साथ चलने पर पानी का दबाव सहन कर सके। ऐसे में यदि बिजली बहाल भी हो जाए तो सिंचाई व्यवस्था पूरी क्षमता से काम नहीं कर पाएगी। उन्होंने मांग की कि नेवाजगंज पंप कैनाल को चंदौली के बजाय चकिया फीडर से जोड़ा जाए, जिससे आपूर्ति अधिक सुगम और स्थायी हो सके।
किसान विकास मंच ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र पंप कैनाल चालू कर किसानों को पानी उपलब्ध नहीं कराया गया तो संगठन जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करेगा। किसानों का कहना है कि जब तक खेतों तक पानी नहीं पहुंचेगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
नर्सरी के मौसम में पानी के लिए तरसते किसान और दूसरी ओर विभागीय दावों की लंबी फेहरिस्त, यह सवाल खड़ा कर रही है कि आखिर सिंचाई व्यवस्था की जिम्मेदारी कौन निभाएगा और किसानों की फसल बचाने की जवाबदेही किसकी है।




