चकिया ब्लॉक का इसहुल गांव बना फर्जीवाड़े का अड्डा: मनरेगा में 76 मजदूर सिर्फ कागजों में
चकिया विकास खंड अंतर्गत इसहुल गांव में मनरेगा योजना के तहत बड़े पैमाने पर घोटाले का मामला सामने आया है। यहां एक ही कार्य के लिए 8 मस्टर रोल जारी कर 76 मजदूरों को काम करते दिखाया गया है, जबकि जमीनी हकीकत पूरी तरह शून्य है।

चकिया ब्लॉक का इसहुल बना फर्जीवाड़े का अड्डा: मनरेगा में 76 मजदूर सिर्फ कागजों में
चकिया, चंदौली। चकिया विकास खंड अंतर्गत इसहुल गांव में मनरेगा योजना के तहत बड़े पैमाने पर घोटाले का मामला सामने आया है। यहां एक ही कार्य के लिए 8 मस्टर रोल जारी कर 76 मजदूरों को काम करते दिखाया गया है, जबकि जमीनी हकीकत पूरी तरह शून्य है।
कागजों में रोजाना दर्जनों मजदूरों की हाजिरी भर दी जा रही है, लेकिन मौके पर कोई कार्य होता नहीं दिख रहा। इससे साफ है कि मनरेगा को रोजगार योजना की बजाय कमाई का जरिया बना दिया गया है।
सबसे बड़ा सबूत खुद मनरेगा पोर्टल पर अपलोड तस्वीरें बन रही हैं। मजदूरों की हाजिरी के साथ जो फोटो लगाई गई है, उसमें सर्दी के मौसम की हरी-भरी गेहूं की फसल नजर आ रही है। यह स्पष्ट संकेत है कि पुराने फोटो का इस्तेमाल कर फर्जी हाजिरी अपडेट की जा रही है और सरकारी धन की बंदरबांट हो रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस पूरे खेल में जिम्मेदार अधिकारियों की भी चुप्पी संदेह पैदा करती है। शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होना, मिलीभगत की ओर इशारा कर रहा है।
जब योजनाओं का पैसा ही कागजों में बांट लिया जाएगा, तो गांव का विकास कैसे होगा, क्या मनरेगा अब सिर्फ फर्जी मस्टर रोल और पुरानी तस्वीरों का खेल बनकर रह गई है।
प्रशासन को चाहिए कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे, ताकि गरीबों के हक पर डाका डालने वालों को साफ संदेश मिल सके कि अब भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।




