शहाबगंज: वीबी जी राम जी योजना में भी भ्रष्टाचार का ‘मस्टररोल खेल’! रोहांखी में नाली खोदाई में कागजों पर दौड़ रहे 317 मजदूर
चार कार्यों के लिए 34 मस्टररोल जारी, मौके की हकीकत पर उठे सवाल; भ्रष्टाचार रोकने का दावा हवा-हवाई

चंदौली। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से मनरेगा के स्थान पर लागू की गई वीबी जी राम जी योजना भी शहाबगंज विकासखंड में सवालों के घेरे में आ गई है। विकासखंड के रोहांखी ग्राम पंचायत में नाली खोदाई कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितता का आरोप सामने आया है। सरकारी अभिलेखों में चार कार्यों के लिए 34 मस्टररोल जारी कर कुल 317 मजदूरों की तैनाती दर्शाई गई है, जबकि स्थानीय स्तर पर कार्यस्थल की वास्तविक स्थिति इससे बिल्कुल अलग बताई जा रही है।
आरोप है कि कमलेश सिंह के खेत से गंदा नाला तक नाली खोदाई का कार्य कागजों में तेजी से चल रहा है, लेकिन मौके पर उतनी संख्या में मजदूर दिखाई नहीं दे रहे हैं, जितनी सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है। इससे मस्टररोल की पारदर्शिता और मजदूरों की वास्तविक उपस्थिति पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार 317 मजदूर कार्यरत हैं, तो उनकी वास्तविक उपस्थिति की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। उनका आरोप है कि फर्जी हाजिरी और कागजी कार्यों के जरिए सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
सरकार ने भ्रष्टाचार पर लगाम कसने और योजनाओं में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से नई व्यवस्था लागू की थी, लेकिन रोहांखी का मामला इन दावों पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय मामले को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिससे अनियमितताओं को बढ़ावा मिल रहा है।
अब सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करेगा, या फिर सरकारी धन के बंदरबांट का यह खेल यूं ही चलता रहेगा।




