चंदौली

शहाबगंज: कौन रोकेगा यह भ्रष्टाचार? सिंगरौल गांव में कागजों पर 78 मजदूर, मौके पर सन्नाटा; निवर्तमान प्रधान और सचिव पर ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप

कौन रोकेगा यह भ्रष्टाचार? सिंगरौल में कागजों पर 78 मजदूर, मौके पर सन्नाटा; पूर्व प्रधान और सचिव पर ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप

चंदौली। शहाबगंज विकासखंड के सिंगरौल गांव में संचालित वीबी जी राम जी योजना एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों का आरोप है कि योजना के तहत 78 मजदूरों से कार्य कराए जाने का दावा केवल सरकारी अभिलेखों तक सीमित है, जबकि मौके पर एक भी मजदूर काम करता नहीं दिखाई देता। इससे सरकारी धन के उपयोग और कार्यों की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

ग्रामीण संतोष, नखडू, रामधनी, आजाद और शिवधनी का आरोप है कि योजना के नाम पर कागजी मजदूरी दिखाकर भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। उनका कहना है कि कार्यस्थल पर सन्नाटा पसरा रहता है, लेकिन रिकॉर्ड में प्रतिदिन 78 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज कर सरकारी धन का भुगतान कराया जा रहा है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निवर्तमान ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव की मिलीभगत से यह पूरा खेल संचालित हो रहा है। यदि यह आरोप सही साबित होते हैं, तो यह सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब मौके पर कोई मजदूर नहीं है, तो मस्टर रोल कैसे तैयार हो रहे हैं? मजदूरी का भुगतान किस आधार पर किया जा रहा है? और जिम्मेदार अधिकारी निरीक्षण के दौरान आखिर क्या देख रहे हैं? यदि निगरानी व्यवस्था प्रभावी है तो ऐसी शिकायतें बार-बार क्यों सामने आ रही हैं?

ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो सरकारी योजनाओं का उद्देश्य विफल हो जाएगा और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता रहेगा।

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