Chakia: बरसात में नाली खुदाई और पौधारोपण का दावा, निगरानी पर सवाल, धनावल कला व छुछाड़ गांव का मामला, धांधली का आरोप, जिम्मेदार मौन
धनावल कला में 29 तो छुछाड़ में 35 मजदूरों की हाजिरी का मामला, धरातल पर काम को लेकर उठे सवाल

बरसात में नाली खुदाई और पौधारोपण का दावा, निगरानी पर सवाल
धनावल कला में 29 तो छुछाड़ में 35 मजदूरों की हाजिरी का मामला, धरातल पर काम को लेकर उठे सवाल
चकिया, चंदौली। विकासखंड में वीबी-जी रामजी योजना के तहत कराए जा रहे कार्यों की निगरानी व्यवस्था सवालों के घेरे में है। भारी बरसात और बाढ़ के बीच धनावल कला में 29 मजदूरों से नाली खुदाई और छुछाड़ में 35 मजदूरों से पौधारोपण कराने का रिकॉर्ड सामने आने के बाद कार्यों की वास्तविकता पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि योजना के कई कार्य धरातल से अधिक कागजों में दिखाई दे रहे हैं।
धनावल कला में नाली खुदाई के लिए 29 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज की गई है। वहीं छुछाड़ गांव में 35 मजदूरों द्वारा पौधारोपण किए जाने का दावा है। लगातार बारिश के बीच इन कार्यों को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाते हुए मस्टररोल और मौके पर मजदूरों की मौजूदगी का सत्यापन कराने की मांग की है।
निगरानी तंत्र पर उठी उंगली
योजना के कार्यों की निगरानी और सत्यापन की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि मस्टररोल में दर्ज मजदूरों की उपस्थिति का मौके पर सत्यापन किस अधिकारी ने किया। यदि कार्य वास्तव में हुआ है तो उसका स्थल निरीक्षण, जियो-टैग तस्वीर और अन्य अभिलेख भी जांचे जा सकते हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि यदि मौके पर काम कम और अभिलेखों में मजदूरों की संख्या अधिक है तो सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष स्थलीय जांच कराने की मांग की है।
अब निगाहें प्रशासन की जांच पर टिकी हैं। जांच से ही स्पष्ट होगा कि मस्टररोल में दर्ज मजदूरों ने वास्तव में काम किया या सरकारी कागजों में ही योजना दौड़ती रही।




