चंदौली

शहाबगंज: मसोई और सुल्तानपुर में मनरेगा की खुली लूट! कागजों में दौड़ रहे 268 मजदूर, अधिकारियों की मिलीभगत से लाखों के खेल का आरोप

शहाबगंज विकासखंड अंतर्गत मसोई और सुल्तानपुर ग्राम पंचायत में मनरेगा कार्यों में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का आरोप सामने आया है।

चंदौली। शहाबगंज विकासखंड अंतर्गत मसोई और सुल्तानपुर ग्राम पंचायत में मनरेगा कार्यों में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का आरोप सामने आया है। आरोप है कि दोनों गांवों में बिना कार्य कराए केवल कागजों पर मजदूरों की हाजिरी लगाकर सरकारी धन की निकासी की जा रही है। पूरे मामले में अधिकारियों की मिलीभगत और कमीशनखोरी की चर्चा भी तेज है।

मसोई गांव में दो कार्यों के लिए कुल 18 मस्टररोल जारी किए गए हैं, जिनमें 177 मजदूरों को कार्यरत दर्शाया गया है। रिकॉर्ड के अनुसार अभिनव मिश्रा के खेत से जितेन्द्र के खेत तक मिट्टी कार्य कराया जा रहा है, जबकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि मौके पर ऐसा कोई कार्य नहीं हो रहा। इतना ही नहीं, जिन लोगों ने मनरेगा में काम ही नहीं किया, उनकी भी ऑनलाइन हाजिरी अपडेट कर भुगतान की तैयारी की जा रही है।

वहीं, सुल्तानपुर ग्राम पंचायत में भी हालात अलग नहीं हैं। यहां 91 मजदूरों को कागजों पर मिट्टी कार्य में लगा दिखाया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि धरातल पर कार्य न के बराबर है, जबकि सरकारी अभिलेखों में नियमित मजदूरी दर्शाई जा रही है।

ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी ग्राम पंचायत कर्मियों, तकनीकी कर्मचारियों और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मनरेगा योजना में बड़े पैमाने पर सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला साबित हो सकता है।

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