सुंदरीकरण के नाम पर तालाब की लूट! करोड़ों की योजनाओं को चाट गया भ्रष्टाचार, नसोपुर का तालाब बदहाली का प्रतीक

सुंदरीकरण के नाम पर तालाब की लूट! करोड़ों की योजनाओं को चाट गया भ्रष्टाचार, नसोपुर का तालाब बदहाली का प्रतीक
चंदौली। शहाबगंज विकासखंड अंतर्गत सुल्तानपुर ग्राम पंचायत के राजस्व गांव नसोपुर में स्थित लगभग एक बीघा क्षेत्रफल का तालाब सरकारी योजनाओं और ग्राम पंचायत की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। जिस तालाब के सुंदरीकरण के नाम पर निवर्तमान ग्राम प्रधान के कार्यकाल में कई बार सरकारी धन निकाला गया, उसकी हालत आज भी बदहाल बनी हुई है। धरातल पर विकास का कोई निशान नहीं दिखता, जबकि सरकारी अभिलेखों में लाखों रुपये खर्च होने का दावा किया जाता रहा है।
तालाब के चारों ओर झाड़-झंखाड़ और घनी घास उग चुकी है। भींटे पर जहरीले जीव-जंतुओं का बसेरा हो गया है, जिससे आसपास के ग्रामीणों में हमेशा भय बना रहता है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष तालाब के सुंदरीकरण और सफाई के नाम पर सरकारी धन की निकासी होती है, लेकिन काम सिर्फ कागजों तक सीमित रहता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि तालाब को संवारने के बजाय इसे भ्रष्टाचार का जरिया बना दिया गया। सरकार एक ओर जल संरक्षण, भूजल स्तर बढ़ाने और अमृत सरोवर जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर नसोपुर का यह तालाब सरकारी तंत्र की लापरवाही और कथित वित्तीय अनियमितताओं का जीता-जागता उदाहरण बन गया है। सवाल यह है कि जब बार-बार धन खर्च हुआ, तो उसका लाभ आखिर दिखाई क्यों नहीं देता।
ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा तालाब का वास्तविक सुंदरीकरण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि खर्च किए गए धन का सामाजिक और तकनीकी ऑडिट कराया जाए तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं।
इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।




