Chakia: अंबेडकर के नाम पर मंच पर टकराव: केंद्रीय मंत्री आठवले की मौजूदगी में विधायक और बौद्ध उपदेशक आमने-सामने, कार्यक्रम के दौरान टूटी बल्ली
चकिया विकासखंड के मुजफ्फरपुर गांव स्थित बौद्ध विहार में रविवार को आयोजित कार्यक्रम उस समय चर्चा का विषय बन गया

अंबेडकर के नाम पर मंच पर टकराव: केंद्रीय मंत्री आठवले की मौजूदगी में विधायक और बौद्ध उपदेशक आमने-सामने
चकिया (चंदौली)। चकिया विकासखंड के मुजफ्फरपुर गांव स्थित बौद्ध विहार में रविवार को आयोजित कार्यक्रम उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री Ramdas Athawale की मौजूदगी में चकिया विधायक Kailash Acharya और बौद्ध उपदेशक Beenacharya के बीच मंच पर ही तीखी नोकझोंक हो गई। डॉ. B. R. Ambedkar के विचारों को लेकर शुरू हुई बहस ने कार्यक्रम का माहौल कुछ देर के लिए असहज बना दिया।
कार्यक्रम के दौरान विधायक कैलाश आचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि बुद्ध और हिंदू धर्म एक ही हैं तथा डॉ. भीमराव अंबेडकर ने भी सभी हिंदुओं के एक होने की बात कही थी। विधायक की यह टिप्पणी पूरी भी नहीं हो पाई थी कि मंच पर मौजूद बौद्ध उपदेशक बीनाचार्य ने तत्काल आपत्ति जताते हुए उनकी बात बीच में रोक दी। उन्होंने विधायक से डॉ. अंबेडकर के विषय में ऐसी टिप्पणी न करने को कहा। हालांकि, विधायक ने अपनी बात पूरी की, लेकिन दोनों के बीच हुई बहस से कुछ समय के लिए कार्यक्रम में तनाव की स्थिति बन गई।
इस बीच केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने अपने संबोधन में माहौल को सहज बनाने का प्रयास किया। उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज में हास्य कविताएं सुनाईं और कहा कि बौद्ध धर्म सभी को साथ लेकर चलने तथा समाज की उन्नति का संदेश देता है। उन्होंने मुजफ्फरपुर में बौद्ध विहार की स्थापना के प्रयासों के लिए बीनाचार्य की सराहना भी की।
कार्यक्रम के दौरान एक अन्य घटना भी हुई, जब मंच के नीचे लगी एक बल्ली अचानक टूट गई। इससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा की दृष्टि से केंद्रीय मंत्री सहित सभी अतिथि मंच से नीचे उतर आए और वहीं कुर्सियां लगाकर कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया।
बुद्ध विहार की सचिव अर्चना ने केंद्रीय मंत्री सहित सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प दोहराया। घटनाक्रम के बीच विधायक कैलाश आचार्य और नगर अध्यक्ष गौरव श्रीवास्तव कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर चले गए।
कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख शंभूनाथ यादव, नगर अध्यक्ष गौरव श्रीवास्तव, बौद्ध उपदेशक बीनाचार्य, बुद्ध विहार की सचिव अर्चना तथा बड़ी संख्या में बौद्ध समाज के महिला-पुरुष उपस्थित रहे।
जिस मंच का उद्देश्य सामाजिक समरसता और बौद्ध विचारधारा का संदेश देना था, वहीं डॉ. अंबेडकर की व्याख्या को लेकर सार्वजनिक बहस छिड़ जाना इस बात का संकेत है कि उनके विचारों की अलग-अलग राजनीतिक और वैचारिक व्याख्याएं आज भी विवाद का विषय बनी हुई हैं।




