चंदौली में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर प्रशासन का शिकंजा, ओवरलोड वाहनों पर बड़ी कार्रवाई; 1 जुलाई से अवैध स्कूली बसों के खिलाफ महाअभियान
जनपद में अवैध खनन, ओवरलोडिंग और यातायात नियमों के उल्लंघन पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू कर दी है।

चंदौली में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर प्रशासन का शिकंजा, ओवरलोड वाहनों पर बड़ी कार्रवाई; 1 जुलाई से अवैध स्कूली बसों के खिलाफ महाअभियान
चंदौली। जनपद में अवैध खनन, ओवरलोडिंग और यातायात नियमों के उल्लंघन पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग और पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के निर्देशन में गठित संयुक्त टास्क फोर्स ने जून माह में ओवरलोड वाहनों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया। इस दौरान 75 वाहनों का चालान, 53 ओवरलोड वाहनों को सीज तथा 50.63 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। साथ ही 115 चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन और 90 वाहनों के परमिट पर कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
परिवहन, खनन, पुलिस, प्रशासन और वाणिज्य कर विभाग की संयुक्त टीम ने एआरटीओ (प्रवर्तन) डॉ. सर्वेश गौतम एवं यात्री/मालकर अधिकारी अनीता वर्मा के नेतृत्व में अभियान चलाया। प्रशासन का कहना है कि ओवरलोडिंग न केवल सड़कों को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि गंभीर सड़क दुर्घटनाओं का भी प्रमुख कारण बनती है। ऐसे में नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
1 जुलाई से अवैध स्कूली वाहनों पर विशेष अभियान
जिला प्रशासन ने छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 1 जुलाई से जिलेभर में विशेष चेकिंग अभियान चलाने का निर्णय लिया है। अभियान के दौरान प्रत्येक स्कूली वाहन के फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC), बीमा और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध दस्तावेजों के संचालित होने वाली स्कूल बसें या अन्य स्कूली वाहन मिलने पर संबंधित विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इसके साथ ही ऐसे वाहनों को जब्त कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मान्यता रद्द करने तक की तैयारी
जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि लंबे समय से नियमों की अनदेखी करने वाले विद्यालयों के खिलाफ केवल वाहन जब्ती तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विद्यालयों की मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है। बिना पंजीकरण, फिटनेस या अन्य आवश्यक दस्तावेजों के संचालित वाहनों को नियमानुसार स्क्रैपिंग प्रक्रिया के लिए भेजा जाएगा।
अभिभावकों से भी अपील
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी डॉ. सर्वेश गौतम ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को अनधिकृत या निजी वाहनों से विद्यालय न भेजें। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और अभिभावक स्कूल बसों के दस्तावेज तथा चालक की पात्रता की जानकारी अवश्य लें। वहीं विद्यालय प्रबंधन को समय रहते सभी वाहनों के दस्तावेज दुरुस्त कराने की चेतावनी दी गई है।
प्रशासन का कहना है कि जनपद में बिना वैध दस्तावेजों के चलने वाले स्कूली वाहनों को पूरी तरह समाप्त करना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।




