ढुन्नू में ‘कागजी मजदूरों’ से करोड़ों की योजनाओं पर डाका! मौके पर मुट्ठीभर श्रमिक, रिकॉर्ड में 88 की फौज
तालाब खोदाई के नाम पर फर्जी हाजिरी का आरोप, ग्रामीण बोले—जिनके नाम से भुगतान की तैयारी, उन्हें खुद नहीं पता कि वे "काम" कर रहे हैं

ढुन्नू में ‘कागजी मजदूरों’ से करोड़ों की योजनाओं पर डाका! मौके पर मुट्ठीभर श्रमिक, रिकॉर्ड में 88 की फौज
तालाब खोदाई के नाम पर फर्जी हाजिरी का आरोप, ग्रामीण बोले—जिनके नाम से भुगतान की तैयारी, उन्हें खुद नहीं पता कि वे “काम” कर रहे हैं
चंदौली। शहाबगंज विकासखंड के ढुन्नू गांव में वीबी जी राम जी योजना के तहत एक बार फिर सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि तालाब खोदाई और मिट्टी कार्य के नाम पर “कागजी मजदूरों” का पूरा नेटवर्क खड़ा कर दिया गया है। मौके पर जहां मुश्किल से 10 से 12 मजदूर कार्य करते दिखाई देते हैं, वहीं सरकारी रिकॉर्ड में 88 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज कराई जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिन लोगों के नाम पर हाजिरी चढ़ाई जा रही है, उनमें से कई को यह तक जानकारी नहीं है कि सरकारी कागजों में उन्हें मजदूर दिखाया गया है। आरोप है कि फर्जी हाजिरी के जरिए सरकारी धन निकालने की तैयारी की जा रही है और जिम्मेदार अधिकारी पूरे मामले से आंखें मूंदे हुए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि मौके पर मौजूद श्रमिकों की संख्या और ऑनलाइन दर्ज हाजिरी का मिलान कराया जाए तो पूरे खेल का पर्दाफाश हो सकता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि मस्टर रोल, मजदूरों का सत्यापन और भुगतान की प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, ताकि दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो सके।
यदि ग्रामीणों के आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला केवल अनियमितता नहीं, बल्कि सरकारी धन के दुरुपयोग का बड़ा उदाहरण बन सकता है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस कथित फर्जीवाड़े पर क्या कार्रवाई करता है।




