चकिया: बिजली गुल तो फूटा गुस्सा: कौड़िहार के सैकड़ों उपभोक्ताओं ने घेरा चकिया पावर हाउस, दी ताला बंदी की चेतावनी
भीषण गर्मी और लगातार ठप पड़ी बिजली व्यवस्था से परेशान कौड़िहार गांव के लोगों का गुस्सा शुक्रवार को आखिरकार फूट पड़ा।
बिजली गुल तो फूटा गुस्सा: कौड़िहार के सैकड़ों उपभोक्ताओं ने घेरा चकिया पावर हाउस, दी ताला बंदी की चेतावनी
चकिया, चंदौली। भीषण गर्मी और लगातार ठप पड़ी बिजली व्यवस्था से परेशान कौड़िहार गांव के लोगों का गुस्सा शुक्रवार को आखिरकार फूट पड़ा। सुबह सैकड़ों बिजली उपभोक्ताओं ने चकिया पावर हाउस पहुंचकर जमकर हंगामा किया और जेई कार्यालय का घेराव कर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही, उदासीनता और जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।
प्रदर्शन के दौरान उपभोक्ताओं ने विभागीय अधिकारियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना था कि कई दिनों से गांव की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भीषण गर्मी में जहां लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है, वहीं पशुओं के लिए पानी तक की समस्या खड़ी हो गई है। बच्चों की पढ़ाई, किसानों के कामकाज और दैनिक जरूरतों पर भी सीधा असर पड़ रहा है।
स्थिति बिगड़ती देख समाजसेवी राम सिंहासन सिंह मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को शांत कराने का प्रयास किया। काफी समझाने-बुझाने के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए। मौके पर मौजूद जेई ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि शाम तक कौड़िहार गांव की बिजली व्यवस्था पूरी तरह सुचारू कर दी जाएगी।
हालांकि ग्रामीण केवल आश्वासन से संतुष्ट नहीं दिखे। उपभोक्ताओं ने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो चकिया बिजली उपकेंद्र पर ताला जड़कर बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी।
ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग की लापरवाही अब लोगों की सहनशक्ति से बाहर हो चुकी है। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर हर बार जनता को सड़क पर उतरने के बाद ही विभाग क्यों जागता है?
धरना-प्रदर्शन में प्रवीण, विनोद, जितेंद्र यादव, तेजपाल यादव, रविंद्र, भरोसा केसरी, कमाल, कन्हैया प्रजापति, अजहरुद्दीन, जब्बार अहमद, जियाउद्दीन, अंकित यादव, लकी यादव, सदानंद यादव, कुमकुम यादव समेत सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।




