रातों की नींद उड़ाने वाली बिजली कटौती: कमालपुर में 18 घंटे आपूर्ति का दावा बेअसर, जनता बेहाल, नेताओं ने खोला मोर्चा

रातों की नींद उड़ाने वाली बिजली कटौती: कमालपुर में 18 घंटे आपूर्ति का दावा बेअसर, जनता बेहाल, नेताओं ने खोला मोर्चा
कमालपुर, चंदौली। सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित अवधि तक निर्बाध बिजली आपूर्ति का दावा कर रही है, लेकिन कमालपुर विद्युत उपकेंद्र से जुड़े गांवों में हकीकत इन दावों से बिल्कुल उलट दिखाई दे रही है। आरोप है कि दिन में किसी तरह बिजली मिल जाती है, लेकिन रात होते ही आपूर्ति लगभग ठप हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि पूरी रात में महज दो से चार घंटे ही बिजली मिल रही है, जिससे भीषण उमस और मच्छरों के बीच लोगों का जीना दूभर हो गया है।
रातभर बिजली गुल रहने से लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है। इसका असर अब स्वास्थ्य और बच्चों की पढ़ाई पर भी साफ दिखाई देने लगा है। उच्च रक्तचाप (बीपी) समेत अन्य बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की परेशानी बढ़ गई है, जबकि सुबह स्कूल जाने वाले बच्चे अधूरी नींद के कारण कक्षाओं में ऊंघने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बिजली संकट से सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
भाजपा नेता धर्मेंद्र तिवारी ने आरोप लगाया कि विद्युत विभाग के कुछ कर्मचारी जानबूझकर ग्रामीणों को परेशान कर रहे हैं, जिससे सरकार की छवि धूमिल हो रही है। भाजपा के सेक्टर संयोजक रवि भूषण मौर्य ने कहा कि सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है, लेकिन यदि कर्मचारी इस व्यवस्था को लागू नहीं कर पा रहे हैं तो उनकी शिकायत संगठन की बैठक में उठाई जाएगी।
उधर, समाजवादी पार्टी के सेक्टर प्रभारी राजेश यादव ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो पार्टी कार्यकर्ता कमालपुर विद्युत उपकेंद्र पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करेंगे।
ग्रामीण सुनील गुप्ता, अजय पाठक, राहुल यादव, संजीव शर्मा और निखिल कुमार सहित अन्य लोगों का आरोप है कि बिजली आपूर्ति बिना किसी स्पष्ट कारण के बार-बार बाधित की जा रही है। उनका कहना है कि उमस और मच्छरों के कारण लोग रातभर जागने को मजबूर हैं, जिससे मलेरिया और टाइफाइड जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है।
ग्रामीणों ने पूरे मामले में जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर विद्युत आपूर्ति की जांच कराने तथा जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो जनआंदोलन तेज किया जाएगा।




