Chakia: बलिया कला में ‘कागजी मजदूरों’ का खेल! जमीन पर सन्नाटा, रजिस्टर में 151 मजदूर, जिला पंचायत के जेई व ठेकेदार मिलकर मचा रहे भ्रष्टाचार

बलिया कला में ‘कागजी मजदूरों’ का खेल! जमीन पर सन्नाटा, रजिस्टर में 151 मजदूर; जेई–ठेकेदार गठजोड़ पर गंभीर सवाल
चकिया, चंदौली। चकिया विकासखंड के बलिया कला गांव में वीबी जी राम जी योजना के तहत कथित तौर पर बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। आरोप है कि जहां गांव में धरातल पर कोई कार्य होता दिखाई नहीं दे रहा, वहीं सरकारी अभिलेखों में 151 मजदूरों से काम कराया जाना दर्शाकर सरकारी धन की निकासी की जा रही है। इससे योजना की पारदर्शिता और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में न तो कहीं मजदूर काम करते दिखाई दे रहे हैं और न ही कोई विकास कार्य संचालित हो रहा है। इसके बावजूद सरकारी रिकॉर्ड में 151 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज कर भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह पूरा खेल कागजों तक सीमित है और सरकारी धन को योजनाबद्ध तरीके से निकालने की कोशिश की जा रही है।
ग्रामीण संजय, सरवन, धनंजय, पकड़ी, नखडू सहित कई लोगों ने आरोप लगाया कि संबंधित जेई कथित रूप से मिलीभगत कर माप पुस्तिका (एमबी) तैयार करवा रहा है, जिसके आधार पर मस्टररोल जारी किए जा रहे हैं। साथ ही आरोप लगाया कि जिला पंचायत से जुड़े ठेकेदार की भूमिका भी संदेह के घेरे में है और पूरे मामले में संगठित तरीके से भ्रष्टाचार किया जा रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब गांव में धरातल पर कोई कार्य ही नहीं हो रहा, तो 151 मजदूरों की उपस्थिति किस आधार पर दर्ज की गई? क्या बिना भौतिक सत्यापन के मस्टररोल जारी किए जा रहे हैं? यदि आरोप सही हैं तो यह केवल वित्तीय अनियमितता नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं की विश्वसनीयता पर भी गंभीर चोट है।
ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराकर दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं संबंधित लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो सरकारी योजनाएं भ्रष्टाचार का माध्यम बनकर रह जाएंगी।



