बदलते दौर में निष्पक्ष पत्रकारिता की चुनौती पर मंथन, जयहिंद राष्ट्रीय पत्रकार संगठन की संगोष्ठी में वक्ताओं ने पत्रकारों की भूमिका और जिम्मेदारियों पर रखे विचार
सूचना क्रांति, सोशल मीडिया और तेजी से बदलते सामाजिक परिवेश के बीच पत्रकारिता के समक्ष खड़ी चुनौतियों तथा उसकी जिम्मेदारियों पर शनिवार को सैयदराजा स्थित दुल्हन पैलेस सभागार में गंभीर मंथन हुआ।

बदलते दौर में निष्पक्ष पत्रकारिता की चुनौती पर मंथन
जयहिंद राष्ट्रीय पत्रकार संगठन की संगोष्ठी में वक्ताओं ने पत्रकारों की भूमिका और जिम्मेदारियों पर रखे विचार
सैयदराजा, चंदौली। सूचना क्रांति, सोशल मीडिया और तेजी से बदलते सामाजिक परिवेश के बीच पत्रकारिता के समक्ष खड़ी चुनौतियों तथा उसकी जिम्मेदारियों पर शनिवार को सैयदराजा स्थित दुल्हन पैलेस सभागार में गंभीर मंथन हुआ। जयहिंद राष्ट्रीय पत्रकार संगठन द्वारा आयोजित “बदलते सामाजिक परिवेश में पत्रकारिता और चुनौतियां” विषयक संगोष्ठी में वक्ताओं ने पत्रकारिता की वर्तमान स्थिति, उसकी विश्वसनीयता और लोकतंत्र में उसकी भूमिका पर विस्तार से अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तर प्रदेश सहकारी आवास संघ के अध्यक्ष आरपी कुशवाहा सहित अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। मंगलाचरण डॉ. सत्य नारायण सिंह ने प्रस्तुत किया।
मुख्य अतिथि आरपी कुशवाहा ने कहा कि पत्रकार समाज को जागरूक करने और जनसरोकारों को आवाज देने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि समय के साथ पत्रकारिता के सामने चुनौतियां बढ़ी हैं, लेकिन सत्य, निष्पक्षता और सामाजिक उत्तरदायित्व आज भी पत्रकार की सबसे बड़ी पूंजी हैं। उन्होंने पत्रकारों से निष्पक्ष रहकर समाज और राष्ट्रहित में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि एवं मां मंशा देवी पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. समर बहादुर सिंह ने कहा कि डिजिटल युग में सूचना का प्रवाह बेहद तेज हो गया है। ऐसे समय में पत्रकारों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि वे तथ्यों की सत्यता की जांच कर समाज के सामने प्रमाणिक जानकारी प्रस्तुत करें।
चेयरमैन प्रतिनिधि राजेश कुमार जायसवाल उर्फ बाढ़ू जायसवाल ने पत्रकारों को समाज का दर्पण बताते हुए कहा कि उनकी लेखनी समाज को नई दिशा देने की क्षमता रखती है। वहीं बरहनी ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि महेन्द्र सिंह ने कहा कि पत्रकार जनसमस्याओं को शासन और प्रशासन तक पहुंचाने वाली महत्वपूर्ण कड़ी हैं, जिनकी भूमिका लोकतांत्रिक व्यवस्था में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक जेपी रावत ने पत्रकारिता के ऐतिहासिक महत्व और सामाजिक प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पत्रकारिता केवल पेशा नहीं बल्कि जनसेवा का माध्यम है। शिक्षक आलोक पांडेय ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता पर निर्भर करती है। उन्होंने पत्रकारिता दिवस के महत्व और पत्रकारों की सामाजिक भूमिका पर विस्तार से चर्चा की।
संगोष्ठी के दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकारों एवं विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्रम भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जिले और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पत्रकारों, शिक्षाविदों, समाजसेवियों एवं गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष धीरेंद्र सिंह ‘शक्ति’ ने की, जबकि संचालन वरिष्ठ पत्रकार राम मनोहर तिवारी ने किया। अंत में जिलाध्यक्ष सुनील सिंह ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं उपस्थित पत्रकारों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
फेक न्यूज, सोशल मीडिया की प्रतिस्पर्धा और त्वरित सूचना के इस दौर में पत्रकारिता की विश्वसनीयता सबसे बड़ी कसौटी बन चुकी है। ऐसे समय में पत्रकारों के लिए सत्य, तथ्य और निष्पक्षता के मूल्यों को बचाए रखना केवल पेशेगत आवश्यकता नहीं, बल्कि लोकतंत्र के प्रति नैतिक दायित्व भी है। सैयदराजा की यह संगोष्ठी पत्रकारिता के इन्हीं मूल्यों को पुनर्स्मरण कराने और नई पीढ़ी के पत्रकारों को दिशा देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण पहल मानी जा सकती है।




