चंदौली

शहाबगंज: मनरेगा बना लूट का खेल, किडिहरां गांव में कागजों पर दौड़ रहे 86 मजदूर, 10 मस्टररोल ने खोली पोल

शहाबगंज विकासखंड के किडिहरां गांव में मनरेगा योजना में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि गांव में केवल दो कार्यों के नाम पर 10 मस्टररोल जारी कर दिए गए, जबकि मौके पर कार्य नगण्य दिखाई दे रहा है।

मनरेगा बना “लूट का खेल”! किडिहरां गांव में कागजों पर दौड़ रहे 86 मजदूर, 10 मस्टररोल ने खोली पोल

चंदौली। शहाबगंज विकासखंड के किडिहरां गांव में मनरेगा योजना में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि गांव में केवल दो कार्यों के नाम पर 10 मस्टररोल जारी कर दिए गए, जबकि मौके पर कार्य नगण्य दिखाई दे रहा है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि कुल 86 मजदूरों की हाजिरी दर्ज कर सरकारी धन निकासी की तैयारी की गई है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि अधिकांश मजदूर केवल कागजों में ही काम कर रहे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार मनरेगा पोर्टल पर भारी संख्या में मजदूरों की उपस्थिति दिखाई गई है, जबकि धरातल पर न तो उतना कार्य हुआ और न ही इतनी संख्या में मजदूर दिखाई पड़े। इससे पूरे मामले में फर्जी मस्टररोल और सरकारी धन के बंदरबांट की आशंका गहरा गई है।

सूत्रों की मानें तो इस पूरे खेल में विकासखंड स्तर से लेकर ग्राम पंचायत तक मिलीभगत की चर्चा तेज है। ग्रामीणों ने खंड विकास अधिकारी, पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आरोप है कि योजनाओं को रोजगार सृजन के बजाय कमीशनखोरी और फर्जी भुगतान का जरिया बना दिया गया है।

ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तो मनरेगा में करोड़ों के फर्जीवाड़े का खुलासा हो सकता है।

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