चकिया: कौन बनेगा भ्रष्टाचार का पहरेदार, गौरी गांव में कागजों पर चल रहा 100 मजदूरों का खेल, जिला पंचायत के जेई व ठेकेदार मचा रहें भ्रष्टाचार

कागजों में 100 मजदूर, जमीन पर सन्नाटा! गौरी में जिला पंचायत निधि पर ‘फर्जी मजदूरी’ का खेल, आखिर किसके संरक्षण में चल रही धांधली?
चकिया, चंदौली। चकिया विकासखंड के गौरी गांव में जिला पंचायत निधि से संचालित वीबी जी राम जी योजना के तहत कथित तौर पर बड़े पैमाने पर धांधली का मामला सामने आया है। आरोप है कि मौके पर एक भी मजदूर कार्य करता दिखाई नहीं देता, जबकि सरकारी अभिलेखों में प्रतिदिन 100 मजदूरों से काम कराए जाने का दावा किया जा रहा है। इससे सरकारी धन के दुरुपयोग और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि योजना के नाम पर केवल कागजी खानापूर्ति की जा रही है। संतोष, नखडू, रामधनी, आजाद और शिवधनी सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि कार्यस्थल पर कोई मजदूर मौजूद नहीं रहता, लेकिन रिकॉर्ड में 100 मजदूरों की उपस्थिति और कार्य दिखाकर सरकारी धन का भुगतान कराया जा रहा है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिला पंचायत का ठेकेदार और संबंधित जेई की मिलीभगत से पूरा खेल संचालित हो रहा है। यदि आरोप सही हैं तो यह न केवल सरकारी धन की खुली लूट है, बल्कि रोजगार उपलब्ध कराने वाली योजना के उद्देश्य पर भी बड़ा सवाल है।
सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जब मौके पर कोई मजदूर नहीं है तो आखिर मस्टर रोल कैसे भरे जा रहे हैं? भुगतान किस आधार पर हो रहा है? और जिम्मेदार अधिकारी निरीक्षण के दौरान क्या देख रहे हैं? इन सवालों के जवाब प्रशासन को देने होंगे।
ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो सरकारी योजनाएं भ्रष्टाचार का माध्यम बनकर रह जाएंगी।




