चकिया: जिला पंचायत निधि में खेल! महादेवपुर कला व गढ़वा उत्तरी गांव में एक ही मजदूरों से कागजों पर काम, जमीन पर सन्नाटा
जिला पंचायत निधि से महादेवपुर कला व गढ़वा उत्तरी गांव में मनरेगा के तहत कराए जा रहे कार्यों में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का आरोप सामने आया है।

जिला पंचायत निधि में खेल! दो गांवों में एक ही मजदूरों से कागजों पर काम, जमीन पर सन्नाटा
चकिया, चंदौली। जिला पंचायत निधि से महादेवपुर कला व गढ़वा उत्तरी गांव में मनरेगा के तहत कराए जा रहे कार्यों में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का आरोप सामने आया है। ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर न मजदूर दिख रहे हैं और न ही कोई काम हो रहा है, जबकि कागजों पर रोजाना दर्जनों मजदूरों की हाजिरी लगाकर धन निकासी की जा रही है।
आरोप है कि यह पूरा खेल सुनियोजित तरीके से जिला पंचायत के ठेकेदारों द्वारा किया जा रहा है। महादेवपुर कला गांव में एक कार्य के लिए तीन मस्टररोल जारी किए गए हैं, जिनमें कुल 27 मजदूर प्रतिदिन कार्यरत दर्शाए जा रहे हैं, लेकिन मौके पर कार्यस्थल पूरी तरह खाली मिला।
इसी तरह गढ़वा उत्तरी गांव में एक कार्य के लिए दो मस्टररोल निकाले गए हैं, जिनमें 15 मजदूरों की हाजिरी दर्ज है, जबकि जमीन पर कोई गतिविधि नजर नहीं आई। ग्रामीणों का आरोप है कि दोनों गांवों में एक ही मजदूरों के नाम अलग-अलग दर्ज कर भुगतान का खेल खेला जा रहा है।
सबसे गंभीर बात यह है कि ऑनलाइन मनरेगा पोर्टल पर दर्ज हाजिरी की जांच की जाए तो बड़े घोटाले का खुलासा हो सकता है। आरोप है कि महादेवपुर कला में जिस स्थान पर कार्य दिखाया जा रहा है, वह काम पिछले वर्ष ही पूरा हो चुका था, फिर भी उसी कार्य के नाम पर दोबारा धन निकासी की जा रही है।
ग्रामीणों ने मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।




