चंदौली

बदला मौसम का मिजाज, ठंडी हवाओं की सरगम पर घोंसलों को लौटे पंछी; प्रकृति ने बिखेरी मनमोहक छटा

मंगलवार की दोपहर अचानक मौसम ने ऐसी मोहक करवट ली कि तपती धरती पर जैसे सुकून उतर आया।

बदला मौसम का मिजाज, ठंडी हवाओं की सरगम पर घोंसलों को लौटे पंछी; प्रकृति ने बिखेरी मनमोहक छटा

चकिया, चंदौली। मंगलवार की दोपहर अचानक मौसम ने ऐसी मोहक करवट ली कि तपती धरती पर जैसे सुकून उतर आया। कुछ देर पहले तक उमस और तेज धूप से बेहाल लोग राहत की तलाश में थे, लेकिन देखते ही देखते आसमान पर बादलों का डेरा जमने लगा। ठंडी हवाओं के मद्धिम झोंकों ने वातावरण को स्पर्श किया तो प्रकृति का हर रंग जैसे जीवंत हो उठा।

मौसम के इस मनोहारी बदलाव के साथ आसमान में उड़ते पंछियों की हलचल भी बढ़ गई। चिड़ियाँ अपने घोंसलों की ओर लौटने लगीं, तो पेड़ों की डालियों पर उनकी मधुर चहचहाहट ने पूरे वातावरण को संगीत से भर दिया। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो प्रकृति स्वयं वर्षा के स्वागत में मधुर राग छेड़ रही हो और हर जीव-जंतु उसके इस उत्सव का हिस्सा बन गया हो।

ठंडी हवाओं ने जहां लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत पहुंचाई, वहीं खेतों की ओर टकटकी लगाए किसानों के चेहरे भी उम्मीद से खिल उठे। आसमान में छाए बादलों को देखकर उन्हें अच्छी बारिश की आस बंधी, क्योंकि खरीफ की फसलों के लिए समय पर होने वाली वर्षा किसी संजीवनी से कम नहीं मानी जाती।

सड़कों, बाजारों और गांव की गलियों में भी मौसम का यह बदलाव साफ महसूस किया गया। लोग घरों से बाहर निकलकर सुहाने मौसम का आनंद लेते दिखाई दिए। बच्चों की खिलखिलाहट, पेड़ों की लहराती शाखाएं और मिट्टी से उठती सोंधी खुशबू ने पूरे क्षेत्र को एक अलग ही प्राकृतिक सौंदर्य से भर दिया।

मौसम की इस खूबसूरत करवट ने यह एहसास करा दिया कि प्रकृति जब अपना रूप बदलती है तो केवल मौसम ही नहीं, बल्कि इंसान के मन का ताप भी कम हो जाता है। अब सभी की निगाहें आसमान पर टिकी हैं कि बादलों की यह दस्तक जल्द ही झमाझम बारिश में बदलकर धरती की प्यास बुझाएगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Click to listen highlighted text!
error: Content is protected !!