चकिया: फिरोजपुर व धनावल कला गांव में मनरेगा महाघोटाला! कागजों में दौड़ रहे 132 मजदूर, जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठे सवाल
विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन की बंदरबांट का बड़ा मामला सामने आया है। चकिया ब्लॉक क्षेत्र के फिरोजपुर व धनावल कला गांव में मनरेगा योजना के तहत बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का आरोप लगा है।

मनरेगा में महाघोटाला! कागजों में दौड़ रहे 132 मजदूर, जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठे सवाल
चकिया, चंदौली। विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन की बंदरबांट का बड़ा मामला सामने आया है। चकिया ब्लॉक क्षेत्र के फिरोजपुर व धनावल कला गांव में मनरेगा योजना के तहत बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का आरोप लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां मजदूर सिर्फ कागजों में काम कर रहे हैं, जबकि धरातल पर कार्य नगण्य दिखाई दे रहा है।
आरोप है कि फिरोजपुर गांव में करीब 100 मजदूर और धनावल कला में 32 मजदूर फर्जी तरीके से मस्टररोल में दर्ज कर भुगतान निकालने की तैयारी चल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कार्यस्थल पर इतनी संख्या में मजदूर कभी दिखाई नहीं देते, लेकिन सरकारी अभिलेखों में रोजाना भारी संख्या में उपस्थिति दर्ज की जा रही है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर यह खेल किसके संरक्षण में चल रहा है? बिना अधिकारियों की मिलीभगत के इतने बड़े स्तर पर फर्जी मस्टररोल कैसे संचालित हो रहे हैं? स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी आंखों पर काली पट्टी बांधकर बैठे हुए हैं और शिकायतों के बावजूद कोई जांच नहीं कराई जा रही।
ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि गरीब मजदूरों के हक पर डाका डालने वालों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
मनरेगा जैसी महत्वाकांक्षी योजना में लगातार सामने आ रहे फर्जीवाड़े ने प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस कथित घोटाले पर कार्रवाई करता है या मामला फाइलों में दबकर रह जाएगा।




