चकिया: कागजों में हुआ हैंडपंप रिबोर, खाते से उड़ गए ₹1.07 लाख! मुड़हुआ उत्तरी में विकास के नाम पर बड़ा खेल, फर्जी फोटो लगाकर भुगतान निकालने का आरोप, ग्रामीणों ने जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की उठाई मांग
स्थानीय विकासखंड अंतर्गत मुड़हुआ उत्तरी ग्राम पंचायत में सरकारी धन के बंदरबांट का एक और मामला सामने आया है।

चकिया, चंदौली। स्थानीय विकासखंड अंतर्गत मुड़हुआ उत्तरी ग्राम पंचायत में सरकारी धन के बंदरबांट का एक और मामला सामने आया है। आरोप है कि निवर्तमान ग्राम प्रधान द्वारा हैंडपंप रिबोर के नाम पर केवल कागजों में कार्य दर्शाकर सरकारी खजाने से 1 लाख 7 हजार 921 रुपये का भुगतान निकाल लिया गया। इतना ही नहीं, भुगतान को वैध साबित करने के लिए फर्जी फोटो तक अपलोड किए जाने की बात सामने आ रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि जिस हैंडपंप को रिबोर दिखाया गया है, वहां धरातल पर कोई कार्य नहीं हुआ। इसके बावजूद विभागीय अभिलेखों में कार्य पूर्ण दर्शाकर भुगतान कर दिया गया। सवाल यह उठ रहा है कि बिना स्थलीय सत्यापन के आखिर भुगतान कैसे हो गया? क्या संबंधित अधिकारियों ने आंख मूंदकर सरकारी धन के दुरुपयोग को हरी झंडी दे दी।
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर लगातार अनियमितताएं सामने आ रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं। इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है और सरकारी योजनाओं की साख पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का बाजार गर्म है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, फर्जी भुगतान की वसूली करने तथा दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।
अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस कथित घोटालेबाजों की जांच कर सच्चाई सामने लाता है या फिर सरकारी धन के दुरुपयोग का यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।




