शहाबगंज: जनकपुर माइनर की सफाई या सरकारी धन की सफाई, ठेकेदार पर खानापूरी का आरोप, बरसात से पहले ग्रामीणों में आक्रोश, सुल्तानपुर गांव का मामला
शहाबगंज विकासखंड के सुल्तानपुर गांव में सिंचाई विभाग द्वारा कराई जा रही जनकपुर माइनर की सफाई पर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
जनकपुर माइनर की सफाई या सरकारी धन की सफाई, ठेकेदार पर खानापूरी का आरोप, बरसात से पहले ग्रामीणों में आक्रोश
- चंदौली। शहाबगंज विकासखंड के सुल्तानपुर गांव में सिंचाई विभाग द्वारा कराई जा रही जनकपुर माइनर की सफाई पर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सफाई कार्य केवल कागजों और औपचारिकता तक सीमित है, जबकि मौके पर नहर से निकाली गई गाद और कचरा किनारे हटाने के बजाय माइनर में ही छोड़ दिया जा रहा है। ऐसे में बरसात के दौरान माइनर के दोबारा जाम होने और किसानों को सिंचाई संकट झेलने की आशंका बढ़ गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस उद्देश्य से सरकारी धन खर्च कर माइनर की सफाई कराई जा रही है, वह धरातल पर कहीं दिखाई नहीं दे रहा। यदि निकाली गई गाद और झाड़-झंखाड़ का समुचित निस्तारण नहीं किया गया तो पहली ही बारिश में पूरा मलबा फिर से माइनर में बहकर जमा हो जाएगा और सफाई पर खर्च की गई सरकारी राशि का कोई औचित्य नहीं रह जाएगा।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार द्वारा गुणवत्तापूर्ण सफाई कराने के बजाय केवल खानापूरी की जा रही है। इससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका भी गहरा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि विभागीय अधिकारी समय रहते कार्य का स्थलीय निरीक्षण कर गुणवत्ता की जांच नहीं करते हैं, तो पूरी सफाई व्यवस्था महज दिखावा बनकर रह जाएगी।
ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि सफाई कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए, जिम्मेदार ठेकेदार पर कार्रवाई की जाए और माइनर से निकाली गई गाद एवं कचरे का तत्काल वैज्ञानिक ढंग से निस्तारण कराया जाए, ताकि बरसात के मौसम में किसानों को जल निकासी और सिंचाई संबंधी समस्याओं का सामना न करना पड़े।




