चकिया: फोटो एक, नाम अनेक! मुहम्मदाबाद में मनरेगा पर डाका, कागजों में दौड़ रहे 44 मजदूर
स्थानीय विकासखंड अंतर्गत मुहम्मदाबाद गांव में मनरेगा योजना के नाम पर सरकारी धन की बंदरबांट का गंभीर मामला सामने आया है।

फोटो एक, नाम अनेक! मुहम्मदाबाद में मनरेगा पर डाका, कागजों में दौड़ रहे 44 मजदूर
चकिया, चंदौली। स्थानीय विकासखंड अंतर्गत मुहम्मदाबाद गांव में मनरेगा योजना के नाम पर सरकारी धन की बंदरबांट का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि जिला पंचायत निधि से कराए जा रहे कार्य को मनरेगा से दर्शाकर फर्जी तरीके से मजदूरों की हाजिरी भरी जा रही है। मौके की वास्तविकता और सरकारी अभिलेखों में भारी अंतर दिखाई दे रहा है।
जानकारी के अनुसार एक ही कार्य के लिए पांच मस्टररोल जारी किए गए हैं, जबकि धरातल पर उतनी संख्या में मजदूर कार्य करते नहीं दिखाई देते। सरकारी रिकॉर्ड में 44 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज है, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकांश मजदूर केवल कागजों में ही कार्य कर रहे हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एक ही महिला की तस्वीर को अलग-अलग नामों से अपलोड कर हाजिरी दर्ज की गई है। इसी प्रकार एक पुरुष की तस्वीर का भी कई अलग-अलग नामों से प्रयोग किए जाने का आरोप है। यानी “फोटो एक, नाम अनेक” का खेल खेलकर मनरेगा पोर्टल पर फर्जी उपस्थिति दर्ज की जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता और सरकारी धन के दुरुपयोग का खुलासा हो सकता है। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी में इस प्रकार की कथित गड़बड़ियां कैसे संचालित हो रही हैं।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर प्रकरण को संज्ञान में लेकर जांच कराता है या फिर मनरेगा में फर्जीवाड़े का यह खेल यूं ही चलता रहेगा।




