शहाबगंज: एक हैंडपंप, डेढ़ लाख से अधिक की निकासी! हरौड़ा में रिबोर के नाम पर सरकारी धन की बंदरबांट का आरोप
शहाबगंज विकासखंड के हरौड़ा गांव में हैंडपंप रिबोर कार्य में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। आरोप है कि मात्र एक हैंडपंप के रिबोर के नाम पर 1 लाख 86 हजार 834 रुपये की सरकारी धनराशि निकाल ली गई।

एक हैंडपंप, डेढ़ लाख से अधिक की निकासी! हरौड़ा में रिबोर के नाम पर सरकारी धन की बंदरबांट का आरोप
चंदौली। शहाबगंज विकासखंड के हरौड़ा गांव में हैंडपंप रिबोर कार्य में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। आरोप है कि मात्र एक हैंडपंप के रिबोर के नाम पर 1 लाख 86 हजार 834 रुपये की सरकारी धनराशि निकाल ली गई, जबकि गांव में कई हैंडपंप आज भी सूखे पड़े हैं और मौके पर रिबोर कार्य के स्पष्ट प्रमाण नहीं दिखाई देते।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस कार्य के नाम पर लाखों रुपये खर्च दिखाए गए हैं, उसका लाभ धरातल पर नजर नहीं आ रहा है। आरोप है कि नूर कंस्ट्रक्शन फर्म के माध्यम से भुगतान कर सरकारी धन की निकासी की गई, जबकि वास्तविक कार्य कागजों तक ही सीमित रहा। ऐसे में विकास कार्यों की पारदर्शिता और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि वास्तव में रिबोर का कार्य कराया गया होता तो हैंडपंपों से पानी निकल रहा होता, लेकिन कई हैंडपंप आज भी खराब स्थिति में पड़े हुए हैं। इससे यह आशंका और गहरा गई है कि सरकारी अभिलेखों में कार्य पूरा दिखाकर धनराशि का भुगतान कर दिया गया।
ग्रामीणों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं का उद्देश्य आम लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है, लेकिन यदि कागजों पर ही विकास कार्य पूरे दिखाए जाएंगे तो योजनाओं का लाभ जनता तक कैसे पहुंचेगा।




