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चंदौली

चकिया: मनरेगा बना लूट का अड्डा! फिरोजपुर में कागजों पर दौड़ रहे 103 मजदूर, जिम्मेदार मौन, CDO साहब करेंगे कार्रवाई

सरकार गरीबों को रोजगार देने के लिए मनरेगा पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि कुछ गांवों में यह योजना भ्रष्टाचारियों की कमाई का सबसे बड़ा जरिया बन चुकी है।

मनरेगा बना लूट का अड्डा! फिरोजपुर में कागजों पर दौड़ रहे 103 मजदूर, जिम्मेदार मौन

चकिया, चंदौली। सरकार गरीबों को रोजगार देने के लिए मनरेगा पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि कुछ गांवों में यह योजना भ्रष्टाचारियों की कमाई का सबसे बड़ा जरिया बन चुकी है। चकिया ब्लॉक के फिरोजपुर गांव में मनरेगा योजना में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है, जहां काम कम और कागजी खेल ज्यादा दिखाई दे रहा है।

सूत्रों के अनुसार गांव में एक ही कार्य पर 12 मस्टररोल जारी कर दिए गए। इतना ही नहीं, रिकॉर्ड में 103 मजदूरों को कार्यरत दिखाया गया है, जबकि मौके पर कार्य की वास्तविक स्थिति कुछ और ही कहानी बयान कर रही है। आरोप है कि मजदूरों की “फैक्ट्री” केवल सरकारी पोर्टल और कागजों तक सीमित है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कई महिला श्रमिकों के फोटो पर पुरुषों के नाम चढ़ा दिए गए हैं। वहीं ऐसे लोगों की भी हाजिरी लगा दी गई जो कभी मनरेगा स्थल पर पहुंचे ही नहीं। गांव छोड़कर बाहर रहने वाले लोगों को भी मजदूर बनाकर भुगतान की तैयारी कर ली गई। इससे साफ है कि फर्जी हाजिरी और फर्जी मस्टररोल के जरिए सरकारी धन की खुली बंदरबांट की जा रही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि इस पूरे खेल में कमीशनखोरी की जड़ें इतनी गहरी हैं कि जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने में लगे हुए हैं। सवाल यह उठता है कि जब पोर्टल पर फोटो अपलोड हो रहे हैं, मस्टररोल जारी हो रहे हैं और भुगतान की प्रक्रिया चल रही है, तो संबंधित अधिकारियों की निगरानी आखिर कहां है? क्या बिना विभागीय मिलीभगत के इतना बड़ा खेल संभव है?

मनरेगा जैसी महत्वाकांक्षी योजना, जिसका उद्देश्य गरीबों को रोजगार देना था, अब भ्रष्ट तंत्र की कमाई का माध्यम बनती जा रही है। गांवों में विकास कार्यों की जगह फर्जीवाड़े की फाइलें तैयार हो रही हैं और जिम्मेदार विभाग आंख मूंदकर सरकारी धन की लूट देख रहा है।

यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो यह मामला केवल फिरोजपुर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे ब्लॉक में मनरेगा घोटाले की परतें खुल सकती हैं।

इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी आर जगत साईं ने कहा कि मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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