समय के बाहर खड़ा बनारस’ पुस्तक का हुआ लोकार्पण
जनपद निवासी व शिक्षा शास्त्री डॉ. विनय कुमार वर्मा की बहुप्रतीक्षित पुस्तक ‘समय के बाहर खड़ा बनारस’ का लोकार्पण सोमवार को संपन्न हुआ।

समय के बाहर खड़ा बनारस’ पुस्तक का हुआ लोकार्पण
चंदौली। जनपद निवासी व शिक्षा शास्त्री डॉ. विनय कुमार वर्मा की बहुप्रतीक्षित पुस्तक ‘समय के बाहर खड़ा बनारस’ का लोकार्पण सोमवार को संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यसमिति सदस्य व मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मार्गदर्शक डॉ. इंद्रेश कुमार उपस्थित रहे।
डॉ. इंद्रेश कुमार ने बनारस की आत्मा को रेखांकित करते हुए कहा कि काशी वह नगर है जो समय के हिसाब से नहीं चलता बल्कि समय स्वयं इसके आगे ठहर जाता है। यही कारण है कि बनारस अपने आप में एक अद्वितीय व अनूठा शहर है। उन्होंने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि डॉ. विनय कुमार वर्मा ने बनारस के विविध आयामों को अत्यंत संवेदनशीलता व गहराई के साथ प्रस्तुत किया है। समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ ललित निबंधकार एवं केंद्रीय तिब्बती अध्ययन विश्वविद्यालय के विजिटिंग प्रोफेसर डॉ. उमेश प्रसाद सिंह ने की। उन्होंने कहा कि बनारस पर ऐतिहासिक, भौगोलिक व धार्मिक दृष्टि से अनेक पुस्तकें लिखी जा चुकी हैं । लेकिन बनारस के ‘मिजाज’ को पकड़ना अत्यंत दुर्लभ है। डॉ. वर्मा की यह कृति न केवल बनारस के स्वभाव का जीवंत उद्घाटन करती है । बल्कि उसके सूक्ष्मतम पहलुओं को भी स्पर्श करने का प्रयास करती है।
डॉ. शैलेंद्र सिंह, हाजी वसीम अहमद, दीनदयाल पांडेय, ओमप्रकाश त्रिपाठी, हाजी साजिद, अजहरुद्दीन, सरोज नयन, मनमोहन गुप्ता, श्याम जी अग्रवाल, कृष्ण सिंह, सूरज कुमार, रोहित वर्मा, सेराज सहित अनेक गणमान्य नागरिक व साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे। डॉ. विनय कुमार वर्मा ने सभी का आभार व्यक्त कियाl




