चकिया: मनरेगा में ‘धर्म परिवर्तन’ कर फर्जी हाजिरी! एक ही मुस्लिम युवक दो गांवों में हिंदू नाम से दर्ज, जिला पंचायत के ठेकेदारों का कारनामा
जनपद में मनरेगा कार्यों में फर्जीवाड़े का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां जिला पंचायत के ठेकेदारों ने सरकारी धन के बंदरबांट के लिए नियम-कानून ही नहीं, बल्कि पहचान तक बदल डाली। आरोप है कि एक मुस्लिम युवक को दो अलग-अलग गांवों में हिंदू नामों से मजदूर दिखाकर ऑनलाइन हाजिरी लगा दी गई।

मनरेगा में ‘धर्म परिवर्तन’ कर फर्जी हाजिरी! एक ही मुस्लिम युवक दो गांवों में हिंदू नाम से दर्ज
चकिया, चंदौली। जनपद में मनरेगा कार्यों में फर्जीवाड़े का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां जिला पंचायत के ठेकेदारों ने सरकारी धन के बंदरबांट के लिए नियम-कानून ही नहीं, बल्कि पहचान तक बदल डाली। आरोप है कि एक मुस्लिम युवक को दो अलग-अलग गांवों में हिंदू नामों से मजदूर दिखाकर ऑनलाइन हाजिरी लगा दी गई।
जानकारी के अनुसार, मुस्लिम युवक सल्लू को महादेवपुर कला गांव में मनरेगा साइट पर हीरा नाम से दर्ज किया गया, जबकि गढ़वा उत्तरी गांव में उसी युवक को प्रदीप कुमार बनाकर हाजिरी लगा दी गई। एक ही व्यक्ति को दो गांवों में अलग-अलग नाम और धर्म बदलकर मजदूर दिखाना पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
सबसे हैरानी की बात यह बताई जा रही है कि जिस युवक को कागजों में दो गांवों का मजदूर बनाया गया, वह सिकंदरपुर की वर्तमान ग्राम प्रधान सीमा गुप्ता का ड्राइवर है। ऐसे में मामला और भी गंभीर हो गया है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिला पंचायत के ठेकेदार मनरेगा कार्यों में बड़े पैमाने पर फर्जी मजदूर दिखाकर सरकारी धन निकाल रहे हैं। मौके पर कार्य नगण्य है, लेकिन कागजों में मजदूरों की लंबी सूची तैयार कर भुगतान कराया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि भ्रष्टाचार खुलेआम हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी, जिला पंचायत अध्यक्ष और संबंधित जनप्रतिनिधि आंखें मूंदे बैठे हैं।
अब सवाल यह उठ रहा है कि जब एक ही युवक को नाम बदलकर दो गांवों में मजदूर बनाया जा सकता है, तो जिले में मनरेगा के नाम पर कितना बड़ा खेल चल रहा होगा? ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।




