चकिया: मनरेगा में खेल बड़ा, काम छोटा: एक मजदूर दो नामों से हाजिर, गढ़वा उत्तरी में फर्जीवाड़े का आरोप
विकासखंड क्षेत्र के गढ़वा उत्तरी गांव में मनरेगा योजना के तहत बड़े पैमाने पर धांधली किए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि छोटे से कार्य को बड़ा दिखाकर सरकारी धन के बंदरबांट की पटकथा लिखी जा रही है। एक ही कार्य के लिए दो-दो मस्टररोल निकाल दिए गए हैं, जबकि मौके पर काम नगण्य है।

मनरेगा में खेल बड़ा, काम छोटा: एक मजदूर दो नामों से हाजिर, गढ़वा उत्तरी में फर्जीवाड़े का आरोप
चकिया, चंदौली। विकासखंड क्षेत्र के गढ़वा उत्तरी गांव में मनरेगा योजना के तहत बड़े पैमाने पर धांधली किए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि छोटे से कार्य को बड़ा दिखाकर सरकारी धन के बंदरबांट की पटकथा लिखी जा रही है। एक ही कार्य के लिए दो-दो मस्टररोल निकाल दिए गए हैं, जबकि मौके पर काम नगण्य है।
ग्रामीणों का कहना है कि कुल 15 मजदूरों की हाजिरी कागजों में चढ़ाई गई है, लेकिन धरातल पर मजदूरों की मौजूदगी नहीं दिखी। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एक ही व्यक्ति को दो अलग-अलग नामों से हाजिरी में दर्शाया गया है। एक स्थान पर उसका नाम भोनू दर्ज है तो दूसरे स्थान पर सुजीत दिखाया गया है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह सब सुनियोजित तरीके से फर्जी उपस्थिति दिखाकर मजदूरी भुगतान निकालने की तैयारी है। छोटे कार्य पर बड़े खर्च का खेल कर योजना की धनराशि को ठिकाने लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
मनरेगा जैसी गरीबों को रोजगार देने वाली योजना में इस तरह की अनियमितता से ग्रामीणों में भारी रोष है। लोगों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
अब सवाल यह है कि जब एक ही मजदूर दो नामों से हाजिर हो सकता है, तो बाकी मस्टररोल की सच्चाई क्या होगी, यदि जांच निष्पक्ष हुई तो गढ़वा उत्तरी में मनरेगा घोटाले की कई परतें खुल सकती हैं।




