Chakia: गौरी में ‘कागजी मजदूरों’ का साम्राज्य! मैदान खाली, रजिस्टर में 100 मजदूर; 11 मस्टररोल पर उठ रहे बड़े सवाल, जिला पंचायत के जेई व ठेकेदार मिलकर मचा रहें भ्रष्टाचार
शहाबगंज विकासखंड के गौरी गांव में वीबी जी राम जी योजना के तहत सरकारी धन के उपयोग पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

गौरी में ‘कागजी मजदूरों’ का साम्राज्य! मैदान खाली, रजिस्टर में 100 मजदूर; 11 मस्टररोल पर उठ रहे बड़े सवाल
चंदौली। शहाबगंज विकासखंड के गौरी गांव में वीबी जी राम जी योजना के तहत सरकारी धन के उपयोग पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि जिला पंचायत निधि से कराए जा रहे कार्यों में मौके पर एक भी मजदूर दिखाई नहीं देता, जबकि सरकारी अभिलेखों में 100 मजदूरों की हाजिरी दर्ज कर दो कार्यों के लिए 11 मस्टररोल संचालित किए गए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्यस्थल पर सन्नाटा पसरा है, लेकिन कागजों में मजदूरों की पूरी “फौज” खड़ी कर दी गई है। आरोप है कि फर्जी मस्टररोल और कागजी हाजिरी के सहारे सरकारी धन के भुगतान की तैयारी की जा रही है। यदि यह आरोप सही हैं तो यह केवल वित्तीय अनियमितता नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न है।
ग्रामीणों ने जिला पंचायत के ठेकेदार और संबंधित जेई की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि पूरे मामले की तकनीकी और वित्तीय जांच कराई जाए तथा मस्टररोल, हाजिरी और भुगतान का मिलान कराया जाए, जिससे वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब कार्यस्थल पर मजदूर नहीं हैं तो सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज 100 मजदूर आखिर कौन हैं? यदि आरोपों में सच्चाई है तो यह सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर मामला बन सकता है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।




