Chakia: बद्रीनाथ सर्जिकल सेंटर पर स्वास्थ्य विभाग का शिकंजा, त्रिस्तरीय जांच कमेटी करेगी पड़ताल, मानकों की अनदेखी के आरोपों पर CMO सख्त, खामियां मिलीं तो कार्रवाई तय

बद्रीनाथ सर्जिकल सेंटर पर स्वास्थ्य विभाग का शिकंजा, त्रिस्तरीय जांच कमेटी करेगी पड़ताल
मानकों की अनदेखी के आरोपों पर CMO सख्त, खामियां मिलीं तो कार्रवाई तय
चकिया। जिला संयुक्त चिकित्सालय के पीछे घटमापुर वार्ड नंबर-4 में संचालित बद्रीनाथ सर्जिकल सेंटर को लेकर उठ रहे सवालों ने अब स्वास्थ्य विभाग का ध्यान खींच लिया है। अस्पताल के संचालन में कथित तौर पर मानकों की अनदेखी और नियमों के विपरीत व्यवस्थाओं के आरोपों के बीच मुख्य चिकित्साधिकारी डा. परितोष मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए त्रिस्तरीय जांच कमेटी का गठन किया जाएगा और कमेटी द्वारा अस्पताल की पूरी व्यवस्था की जांच की जाएगी।
सीएमओ के इस बयान के बाद अस्पताल संचालकों में खलबली मचने की स्थिति बन गई है। स्वास्थ्य विभाग की जांच में अस्पताल के पंजीकरण, संचालन की अनुमति, चिकित्सकीय एवं पैरामेडिकल स्टाफ, उपलब्ध संसाधन, मरीजों के उपचार की व्यवस्था और निर्धारित मानकों के अनुपालन समेत विभिन्न बिंदुओं की पड़ताल होने की उम्मीद है। जांच के दौरान यदि नियमों की अनदेखी या किसी प्रकार की गंभीर खामी सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात सीएमओ ने कही है।
सवालों के घेरे में अस्पताल की व्यवस्था
बद्रीनाथ सर्जिकल सेंटर को लेकर स्थानीय स्तर पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि अस्पताल में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था के बावजूद कथित अनियमितताओं की स्थिति कैसे बनी रही। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करेगा, बल्कि मरीजों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता का विषय होगा।
जांच कमेटी खोलेगी व्यवस्था की परतें
अब सबकी निगाहें त्रिस्तरीय जांच कमेटी पर टिकी हैं। कमेटी की जांच से यह स्पष्ट होगा कि अस्पताल किन नियमों और मानकों के तहत संचालित हो रहा है और वहां मरीजों के लिए उपलब्ध सुविधाएं निर्धारित मानकों पर खरी उतरती हैं या नहीं। जांच में सामने आने वाली रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य विभाग आगे की कार्रवाई करेगा।
कार्रवाई की बात से बढ़ी उम्मीद
मुख्य चिकित्साधिकारी ने साफ कर दिया है कि जांच में खामियां मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों को उम्मीद है कि जांच महज कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अस्पताल की वास्तविक स्थिति की बारीकी से पड़ताल होगी। अब देखना होगा कि जांच कमेटी मौके पर पहुंचकर क्या-क्या खामियां उजागर करती है और स्वास्थ्य विभाग जिम्मेदारों के खिलाफ कितनी सख्ती दिखाता है।




