फेसुरां में ‘कागजी मजदूरों’ की फैक्ट्री! पांच काम, 30 मस्टररोल और 280 मजदूर; जमीन पर काम नहीं, रिकॉर्ड में विकास
वीबी जी राम जी योजना में बड़े फर्जीवाड़े का आरोप, ग्रामीण बोले, मौके पर नहीं दिखा काम, कागजों में दौड़ रहे सैकड़ों मजदूर

फेसुरां में ‘कागजी मजदूरों’ की फैक्ट्री! पांच काम, 30 मस्टररोल और 280 मजदूर; जमीन पर काम नहीं, रिकॉर्ड में विकास
वीबी जी राम जी योजना में बड़े फर्जीवाड़े का आरोप, ग्रामीण बोले, मौके पर नहीं दिखा काम, कागजों में दौड़ रहे सैकड़ों मजदूर
चंदौली। सकलडीहा विकासखंड के फेसुरां गांव में वीबी जी राम जी योजना के तहत बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि योजना के नाम पर सरकारी धन के बंदरबांट का खेल चल रहा है। आरोप है कि पांच मिट्टी कार्यों के लिए 30 मस्टररोल जारी कर 280 मजदूरों को कागजों में कार्यरत दिखा दिया गया, जबकि मौके पर न तो मजदूर दिखाई दे रहे हैं और न ही कोई उल्लेखनीय कार्य होता नजर आ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, योजना के तहत मिट्टी कार्य दिखाकर सरकारी रिकॉर्ड में भारी संख्या में मजदूरों की उपस्थिति दर्ज की गई है। उनका आरोप है कि धरातल पर कार्य लगभग शून्य है, लेकिन सरकारी अभिलेखों में विकास की तस्वीर चमकाई जा रही है। इससे योजना की पारदर्शिता और क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि रिकॉर्ड और मौके की वास्तविक स्थिति का मिलान कराया जाए तो पूरे मामले का सच सामने आ जाएगा। उनका आरोप है कि कागजों में मजदूरों की संख्या बढ़ाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि सभी 30 मस्टररोल, मजदूरों की उपस्थिति, भुगतान विवरण और कार्यस्थल का स्वतंत्र सत्यापन कराया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच निष्पक्ष ढंग से कराई जाए तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि जिन कार्यों पर सैकड़ों मजदूरों को दर्शाया गया है, वहां वास्तव में कितना काम हुआ और कितने मजदूर मौजूद थे। उन्होंने दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई और सरकारी धन की वसूली की मांग की है।
अब यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। ग्रामीणों की निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।




