शहाबगंज: तालाब नहीं, सरकारी धन की खुदाई? हांटा में 112 मजदूरों की हाजिरी पर घिरा सिस्टम
हांटा में 'कागजी मजदूरों' का खेल? 12 मस्टररोल में 112 श्रमिक, जमीन पर उठे सवाल

हांटा में ‘कागजी मजदूरों’ का खेल? 12 मस्टररोल में 112 श्रमिक, जमीन पर उठे सवाल
चंदौली। शहाबगंज विकासखंड के हांटा ग्राम पंचायत में वीबी जी राम जी (वीबी जी राम जी) योजना के तहत कराए जा रहे तालाब खोदाई और सफाई कार्यों में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि तीन कार्यों के लिए 12 मस्टररोल जारी कर 112 मजदूरों की हाजिरी दर्ज की गई, जबकि मौके की वास्तविक स्थिति इस दावे पर सवाल खड़े कर रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी अभिलेखों में बड़ी संख्या में मजदूर कार्यरत दिखाए जा रहे हैं, लेकिन स्थल पर उतनी संख्या में श्रमिक दिखाई नहीं देते। इससे योजना के धन के दुरुपयोग और फर्जी मस्टररोल के जरिए सरकारी रकम निकालने की आशंका जताई जा रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी प्रभावी जांच और कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। यही वजह है कि पंचायत स्तर पर योजनाओं की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं और भ्रष्टाचार के आरोप लगातार गहराते जा रहे हैं।
यदि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो यह स्पष्ट हो सकेगा कि वास्तव में 112 मजदूरों ने कार्य किया या सरकारी रिकॉर्ड में केवल कागजी हाजिरी भरकर भुगतान की प्रक्रिया पूरी की गई। अब निगाहें जिला प्रशासन पर हैं कि वह पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करता है या नहीं।




