वनांचल के गांव अब नहीं रहेंगे नेटवर्क विहीन: चकिया-नौगढ़ के चार गांवों में बीएसएनएल टावर को मिली मंजूरी

वनांचल के गांव अब नहीं रहेंगे नेटवर्क विहीन: चकिया-नौगढ़ के चार गांवों में बीएसएनएल टावर को मिली मंजूरी
चंदौली। जनपद के वनांचल और सीमावर्ती क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ी पहल हुई है। लंबे समय से मोबाइल नेटवर्क की समस्या से जूझ रहे चकिया और नौगढ़ विकास खंड के चार गांवों में अब बीएसएनएल के बेस ट्रांसीवर स्टेशन (बीटीएस) स्थापित किए जाएंगे। दूरसंचार विभाग (DoT) ने छितमपुर, चिकनी, देवरी कला और ताला गांव में मोबाइल टावर स्थापना को औपचारिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। इससे हजारों ग्रामीणों को बेहतर संचार सुविधाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है।
जानकारी के अनुसार, वनांचल क्षेत्रों में नेटवर्क की गंभीर समस्या को लेकर जिला प्रशासन लगातार प्रयासरत था। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने दूरसंचार विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर इन गांवों में मोबाइल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के लिए लगातार पैरवी की। प्रशासन की पहल का ही परिणाम है कि अब इन नेटवर्क-विहीन गांवों को डिजिटल दुनिया से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
इन गांवों में बीटीएस स्थापित होने के बाद ग्रामीणों को निर्बाध वॉयस कॉल सुविधा के साथ बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी भी उपलब्ध होगी। इसका सबसे बड़ा लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा, जिन्हें ऑनलाइन पढ़ाई और डिजिटल शैक्षणिक सामग्री तक पहुंच आसान होगी। इसके अलावा ई-बैंकिंग, यूपीआई भुगतान, सरकारी ऑनलाइन सेवाओं, टेलीमेडिसिन तथा डिजिटल दस्तावेजों के उपयोग में भी ग्रामीणों को सुविधा मिलेगी।
वर्तमान समय में डिजिटल सेवाएं आम जनजीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुकी हैं। ऐसे में नेटवर्क की कमी के कारण वनांचल क्षेत्रों के लोग विकास की मुख्यधारा से पीछे छूट रहे थे। मोबाइल टावर स्थापित होने से ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी। किसी दुर्घटना अथवा चिकित्सकीय आपात स्थिति में एम्बुलेंस या अन्य सहायता के लिए तत्काल संपर्क स्थापित करना संभव हो सकेगा।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, चकिया और नौगढ़ विकास खंड के 13 अन्य नेटवर्क-विहीन गांवों में भी बीटीएस स्थापना का प्रस्ताव दूरसंचार विभाग को भेजा जा चुका है। यह प्रस्ताव विभागीय स्तर पर विचाराधीन है और स्वीकृति मिलने के बाद वहां भी मोबाइल टावर स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने कहा कि जनपद के प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध दूरसंचार सेवाएं पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय स्थापित कर कार्य किया जा रहा है।
वनांचल क्षेत्र के लिए यह पहल केवल मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह डिजिटल समावेशन, शिक्षा, आर्थिक गतिविधियों और ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



