कागजों में दौड़े 87 मजदूर, जमीन पर सन्नाटा! मवैया में वीबी जी राम जी योजना पर भ्रष्टाचार का बड़ा खेल उजागर, BDO जांच कर करेंगे कार्रवाई
भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के उद्देश्य से लागू की गई वीबी जी राम जी (VB G RAM G ) योजना भी अब सवालों के घेरे में आ गई है।

चकिया, चंदौली। भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के उद्देश्य से लागू की गई वीबी जी राम जी (VB G RAM G ) योजना भी अब सवालों के घेरे में आ गई है। चकिया विकासखंड के मवैया ग्राम पंचायत में योजना के नाम पर कागजों में मजदूरों की फौज खड़ी कर सरकारी धन के बंदरबांट का मामला सामने आया है। मौके पर जहां कार्यस्थल सूना पड़ा है, वहीं सरकारी अभिलेखों में दर्जनों मजदूर मिट्टी ढोते और चकरोड़ बनाते दिखाई दे रहे हैं।
आरोप है कि सहदापुर बगीचा से चमार बस्ती तक कुल चकरोड़ पर मिट्टी कार्य कागजों में दर्शाया गया है, जबकि स्थल पर न तो कोई निर्माण कार्य चल रहा है और न ही एक भी मजदूर मौजूद मिला। इसके बावजूद एक ही कार्य के लिए कुल नौ मस्टररोल जारी कर 87 मजदूरों की हाजिरी दर्ज कर दी गई है। इससे सरकारी धन के दुरुपयोग और फर्जी भुगतान की आशंका गहरा गई है।
विडंबना यह है कि जिस मवैया ग्राम पंचायत को पंचायत स्तर पर बेहतर कार्यों के लिए सम्मानित किया जा चुका है और जो क्लाइमेट आधारित पहलों के कारण भी पहचान रखती है, वहीं अब विकास योजनाओं में कथित अनियमितताओं के आरोप उसकी साख पर सवाल खड़े कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के उद्देश्य से नई व्यवस्था लागू की गई थी, लेकिन कुछ जिम्मेदार लोगों ने उसमें भी सेंध लगाकर सरकारी धन की बंदरबांट का रास्ता तलाश लिया है।
यदि आरोपों की निष्पक्ष जांच होती है और कागजों में दर्ज मजदूरों तथा भुगतान का सत्यापन कराया जाता है, तो पूरे मामले में बड़ा वित्तीय घोटाला उजागर हो सकता है।
खंड विकास अधिकारी अनिल कुमार राय ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराई जाएगी। यदि अनियमितता या फर्जीवाड़ा पाया गया तो दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।




