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चंदौली

चकिया: भष्करपुर में पोखरा सफाई या भ्रष्टाचार की सफाई, 107 मजदूर कागजों में, जमीनी हकीकत पर उठे सवाल, जांच की मांग

विकासखंड क्षेत्र के भष्करपुर ग्राम पंचायत में मनरेगा कार्यों को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं।

भष्करपुर में मनरेगा पर सवाल: पोखरा सफाई के नाम पर 107 मजदूर कागजों में, जमीन पर दिखे नाममात्र के श्रमिक

चकिया, चंदौली। विकासखंड क्षेत्र के भष्करपुर ग्राम पंचायत में मनरेगा कार्यों को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पोखरा सफाई और खुदाई के नाम पर सरकारी धन के दुरुपयोग का खेल चल रहा है, जहां कागजों में मजदूरों की लंबी फौज दिखाई जा रही है, जबकि मौके पर वास्तविक स्थिति इससे बिल्कुल अलग नजर आती है।

ग्रामीणों के अनुसार, पोखरा सफाई एवं खुदाई से जुड़े दो कार्यों के लिए कुल 11 मस्टर रोल जारी किए गए हैं और अभिलेखों में 107 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज कराई गई है। आरोप है कि धरातल पर नाममात्र के श्रमिक ही काम करते दिखाई देते हैं, जबकि शेष मजदूर केवल कागजी रिकॉर्ड तक सीमित हैं। इससे मनरेगा की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं।

स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि जिन व्यक्तियों ने कार्यस्थल पर कभी काम नहीं किया, उनकी भी हाजिरी दर्ज कर भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सरकारी धन के दुरुपयोग और फर्जी मस्टर रोल के जरिए वित्तीय अनियमितता का गंभीर मामला हो सकता है।

ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर वास्तविक कार्य, मजदूरों की उपस्थिति और किए गए भुगतान का सामाजिक एवं प्रशासनिक सत्यापन कराने की मांग की है। उनका कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए बिना मनरेगा जैसी महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य पूरा नहीं हो सकता।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब कथित तौर पर इतनी बड़ी संख्या में फर्जी उपस्थिति और भुगतान के आरोप लग रहे हैं, तब संबंधित जिम्मेदार अधिकारी और निगरानी तंत्र आखिर मौन क्यों हैं? क्या नियमित निरीक्षण केवल कागजों तक सीमित है, या फिर लापरवाही और मिलीभगत के कारण सरकारी खजाने को चूना लगाया जा रहा है?

अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा। यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं, तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार व्यक्तियों पर कठोर कार्रवाई की अपेक्षा की जाएगी।

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