चंदौली

चकिया: बुद्ध पूर्णिमा पर गूंजे शिक्षा, सद्भाव और कर्म के संदेश, संबोधि संस्थान बुद्ध विहार में संगोष्ठी, सैकड़ों लोगों की सहभागिता

बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर चकिया क्षेत्र स्थित बुद्ध विहार पार्क, मुजफ्फरपुर में श्रद्धा, उल्लास और सामाजिक चेतना के साथ भगवान बुद्ध जयंती मनाई गई।

बुद्ध पूर्णिमा पर गूंजे शिक्षा, सद्भाव और कर्म के संदेश

संबोधि संस्थान बुद्ध विहार में संगोष्ठी, सैकड़ों लोगों की सहभागिता

चकिया, चंदौली। बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर चकिया क्षेत्र स्थित बुद्ध विहार पार्क, मुजफ्फरपुर में श्रद्धा, उल्लास और सामाजिक चेतना के साथ भगवान बुद्ध जयंती मनाई गई। इस अवसर पर संबोधि संस्थान बुद्ध विहार की ओर से एक भव्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षा, नैतिकता, सद्भाव और मानवीय मूल्यों पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे।

कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान की सचिव अर्चना, सह सचिव आर.बी. राम तथा अतिथियों द्वारा भगवान बुद्ध की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलित कर बुद्ध वंदना के साथ की गई। पूरे परिसर में आध्यात्मिक वातावरण और अनुशासन का भाव देखने को मिला।

संगोष्ठी को संबोधित करते हुए संस्थान के सह सचिव आर.बी. राम ने कहा कि मनुष्य का भविष्य उसके कर्मों से तय होता है। अच्छे कर्म ही जीवन को श्रेष्ठ दिशा देते हैं, इसलिए शिक्षा और संस्कार दोनों आवश्यक हैं।

चकिया ब्लॉक प्रमुख शंभूनाथ सिंह यादव ने कहा कि आज के समय में भगवान बुद्ध के विचार पहले से अधिक प्रासंगिक हैं। समाज में शांति, संयम और भाईचारा स्थापित करने के लिए बुद्ध के मार्ग पर चलना जरूरी है।

जिला पंचायत सदस्य डॉ. कुंदन गोंड ने कहा कि भगवान बुद्ध ने सच्ची शिक्षा को नैतिकता से जोड़ा था। शिक्षा केवल डिग्री नहीं, बल्कि इंसान को बेहतर मनुष्य बनाने का माध्यम होनी चाहिए।

समाजसेवी शैलेश कुमार ने कहा कि वही शिक्षा सार्थक है, जो व्यक्ति को संवेदनशील, जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनाए। वहीं रिंकू सोनकर ने युवाओं से आह्वान किया कि वे बुद्ध के विचारों को अपनाकर शिक्षा के माध्यम से समाज में बदलाव लाएं।

कार्यक्रम में आए अतिथियों का स्वागत सचिव अर्चना एवं सह सचिव आर.बी. राम द्वारा माल्यार्पण, अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानपूर्वक किया गया।

इस अवसर पर चेयरमैन प्रतिनिधि राजू माली, मंडल अध्यक्ष रिंकू विश्वकर्मा, नागेश, अफसर, आनंद, राजेश, उमेश यादव, रामजनम, जगजीवन कवि, अमित अम्बेडकर, उमाशंकर मौर्य, देवा मौर्य, चिंटू कुमार, बबलू कुमार सहित सैकड़ों क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन अरुण कुमार एवं अरविंद कुमार ने संयुक्त रूप से किया, जबकि अंत में सचिव अर्चना ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता, शिक्षा और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने का सशक्त संदेश बनकर उभरा।

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