शहाबगंज: शाहपुर में ‘कागजी मजदूरों’ का खेल! 14 मस्टररोल में 127 श्रमिक दर्ज, मौके पर एक भी नहीं
वीबी जीरामजी योजना में फर्जी हाजिरी का आरोप, उसरी संपर्क मार्ग पर मिट्टी कार्य सिर्फ कागजों में; सरकारी धन की बंदरबांट की आशंका

शाहपुर में ‘कागजी मजदूरों’ का खेल! 14 मस्टररोल में 127 श्रमिक दर्ज, मौके पर एक भी नहीं
वीबी जीरामजी योजना में फर्जी हाजिरी का आरोप, उसरी संपर्क मार्ग पर मिट्टी कार्य सिर्फ कागजों में; सरकारी धन की बंदरबांट की आशंका
चंदौली। शहाबगंज विकासखंड के शाहपुर ग्राम पंचायत में वीबी जी राम जी योजना के तहत सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि निवर्तमान ग्राम प्रधान की मिलीभगत से विकास कार्यों के नाम पर कागजों में मजदूरों की फौज खड़ी कर सरकारी खजाने को चूना लगाया जा रहा है।
दस्तावेजों के अनुसार उसरी गांव के संपर्क मार्ग पर मिट्टी कार्य कराया जा रहा है। इस एकमात्र कार्य के लिए 14 मस्टररोल जारी किए गए हैं, जिनमें कुल 127 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज है। लेकिन जब मौके की पड़ताल की गई तो कार्यस्थल पर एक भी मजदूर मौजूद नहीं मिला। इससे मस्टररोल में दर्ज हाजिरी और भुगतान प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना कार्य कराए ही कागजों में मजदूरों की हाजिरी भरकर सरकारी धन का भुगतान कराया जा रहा है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता पर सवाल है, बल्कि ग्रामीण विकास के लिए जारी धन की खुली लूट का मामला भी है।
सूत्रों का कहना है कि इस तरह की अनियमितताओं से शासन की मंशा पर पानी फिर रहा है और वास्तविक जरूरतमंद मजदूर रोजगार से वंचित हो रहे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब मौके पर कार्य ही नहीं हो रहा तो 127 मजदूरों की हाजिरी किस आधार पर दर्ज की गई? आखिर जिम्मेदार अधिकारी इस कथित खेल पर अब तक मौन क्यों हैं।
ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई तथा सरकारी धन की रिकवरी की मांग की है। यदि उच्चस्तरीय जांच होती है तो वीबी जी राम जी योजना में बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।




