सीडीओ ने मूसा खाड़ बांध परियोजना का किया औचक निरीक्षण निर्माण कार्यों में लापरवाही पर जताई नाराजगी, समयबद्ध तरीके से नहर में पानी छोड़ने के दिए निर्देश
जनपद में सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लेने पहुंचे मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) आर. जगत साई ने मंगलवार को मूसा खाड़ बांध प्रखंड अंतर्गत संचालित निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया।

सीडीओ ने मूसा खाड़ बांध परियोजना का किया औचक निरीक्षण
निर्माण कार्यों में लापरवाही पर जताई नाराजगी, समयबद्ध तरीके से नहर में पानी छोड़ने के दिए निर्देश
चंदौली। जनपद में सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लेने पहुंचे मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) आर. जगत साई ने मंगलवार को मूसा खाड़ बांध प्रखंड अंतर्गत संचालित निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर कार्यों की रफ्तार बेहद धीमी मिलने पर उन्होंने अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के प्रति कड़ी नाराजगी व्यक्त की तथा निर्माण कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के समय अधिशासी अभियंता रविशंकर मिश्रा, सहायक अभियंता अनुराग सिंह एवं रामचंद्र सिंह के साथ जूनियर इंजीनियर इंद्र बहादुर सिंह यादव, प्रदीप कुमार और राजेश सिंह सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
सीडीओ ने भूपौली मुख्य नहर के किमी 0.280 से 6.030 तथा किमी 6.506 से 7.940 तक चल रहे सीसी लाइनिंग कार्य का निरीक्षण किया। मौके पर कार्य बंद मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। अधिशासी अभियंता ने बताया कि नहर के बेड की लाइनिंग पूरी हो चुकी है, जबकि ढलान क्षेत्र में लाइनिंग कार्य पिछले करीब दो माह से बाधित है।
इस पर सीडीओ ने अधिशासी अभियंता और संबंधित ठेकेदार को तत्काल कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप शत-प्रतिशत पूर्ण होना चाहिए। साथ ही निर्देशित किया कि मूसा खाड़ बांध प्रखंड के अधिकारी, कर्मचारी एवं ठेकेदार संयुक्त रूप से प्रतिदिन स्थलीय सर्वेक्षण एवं निरीक्षण कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
इसके अलावा बढ़वल राजवाहा परियोजना के अंतर्गत किमी 0.000 से 17.000 तक नहर के आंतरिक एवं बाहरी हिस्सों में मिट्टी कार्य, पक्के निर्माण तथा नहरी भूमि के सीमांकन कार्यों की भी समीक्षा की गई। यहां भी कार्यों की धीमी प्रगति पर सीडीओ ने असंतोष जताते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि किसानों के हित सर्वोपरि हैं और सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण करते हुए नहर में जल्द से जल्द पानी छोड़ा जाए, ताकि सिंचाई व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सके।




