चंदौली पुलिस ने शराब तस्करों का ‘मास्टर प्लान’ किया फेल, ट्रक के गुप्त केबिन से 58 लाख की अंग्रेजी शराब बरामद
पंजाब से बिहार भेजी जा रही थी 663 पेटी शराब, गुजरात के दो तस्कर गिरफ्तार; लकड़ी के बुरादे में छिपाई गई थी खेप

चंदौली पुलिस ने शराब तस्करों का ‘मास्टर प्लान’ किया फेल, ट्रक के गुप्त केबिन से 58 लाख की अंग्रेजी शराब बरामद
पंजाब से बिहार भेजी जा रही थी 663 पेटी शराब, गुजरात के दो तस्कर गिरफ्तार; लकड़ी के बुरादे में छिपाई गई थी खेप
चंदौली। चंदौली पुलिस और सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय शराब तस्करी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने वाराणसी-बिहार राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित नवीन मंडी समिति गेट के पास चेकिंग के दौरान एक ट्रक से 663 पेटी (5898.600 लीटर) अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की। बरामद शराब की अनुमानित कीमत करीब 58 लाख रुपये बताई गई है। इस दौरान गुजरात निवासी दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक बिन्देश्वर प्रसाद पाण्डेय और सर्विलांस प्रभारी उपनिरीक्षक आशीष मिश्रा के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। इलेक्ट्रॉनिक एवं मैनुअल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने ट्रक संख्या JH16K6822 को रोककर तलाशी ली। चालक और सहचालक ने पहले ट्रक में लकड़ी का बुरादा लदा होने की जानकारी दी, लेकिन गहन जांच में ट्रक के भीतर लोहे का विशेष गुप्त केबिन मिला, जिसमें बड़ी मात्रा में अंग्रेजी शराब छिपाकर रखी गई थी। केबिन के चारों ओर लकड़ी का बुरादा भरा गया था ताकि शराब की गंध और आवाज बाहर न जा सके।
गिरफ्तार तस्करों की पहचान हितेश देसाई (42 वर्ष) और उमेश परमार (26 वर्ष), निवासी अहमदाबाद (गुजरात) के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि शराब पंजाब से बिहार ले जाई जा रही थी, जहां ऊंचे दामों पर उसकी बिक्री की जानी थी। उन्होंने बताया कि पुलिस से बचने के लिए ट्रक में विशेष गुप्त केबिन बनाया गया था। प्रत्येक खेप पहुंचाने पर उन्हें 50 हजार रुपये और बिक्री पर दो प्रतिशत कमीशन मिलता था।
पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ कोतवाली चंदौली में आबकारी अधिनियम की धारा 60/63 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पूछताछ के आधार पर शराब तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी की जा रही है। इस कार्रवाई को चंदौली पुलिस की हाल के समय की बड़ी सफलता माना जा रहा है।




