मुजफ्फरपुर में मनरेगा बना मजदूरों का सहारा, रोजगार मिलने से खिले चेहरे निवर्तमान ग्राम प्रधान की पहल से गांव में तेजी से चल रहा विकास कार्य
विकासखंड चकिया अंतर्गत मुजफ्फरपुर गांव में मनरेगा योजना ग्रामीण मजदूरों के लिए रोजगार का मजबूत जरिया बनती दिखाई दे रही है।

मुजफ्फरपुर में मनरेगा बना मजदूरों का सहारा, रोजगार मिलने से खिले चेहरे
निवर्तमान ग्राम प्रधान की पहल से गांव में तेजी से चल रहा विकास कार्य
चकिया, चंदौली। विकासखंड चकिया अंतर्गत मुजफ्फरपुर गांव में मनरेगा योजना ग्रामीण मजदूरों के लिए रोजगार का मजबूत जरिया बनती दिखाई दे रही है। गांव में चल रहे मनरेगा कार्यों से स्थानीय मजदूरों को लगातार काम मिल रहा है, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। मजदूरों के चेहरे पर रोजगार मिलने की खुशी साफ नजर आ रही है।
ग्रामीणों के अनुसार गांव में मनरेगा के तहत कराए जा रहे कार्यों को निवर्तमान ग्राम प्रधान की देखरेख में व्यवस्थित ढंग से कराया जा रहा है। समय पर मजदूरों की उपस्थिति, कार्यस्थल पर सक्रियता और रोजगार उपलब्ध कराने को लेकर गांव में सकारात्मक माहौल बना हुआ है।
मजदूरों का कहना है कि पहले उन्हें रोजगार के लिए दूसरे शहरों की ओर पलायन करना पड़ता था, लेकिन अब गांव में ही काम मिलने से उन्हें काफी राहत मिली है। मनरेगा कार्यों के जरिए जहां गांव का विकास हो रहा है, वहीं गरीब और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहारा भी मिल रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में कराए जा रहे कार्यों से न केवल रोजगार बढ़ा है, बल्कि गांव की आधारभूत सुविधाओं में भी सुधार देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ योजनाओं का संचालन होता रहा तो गांव तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ेगा।
क्षेत्रीय लोगों ने निवर्तमान ग्राम प्रधान के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि गांव में रोजगार उपलब्ध कराने और विकास कार्यों को गति देने का प्रयास सराहनीय है। मनरेगा योजना का सही क्रियान्वयन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है।




