चकिया: भष्करपुर गांव में जी राम जी योजना में लूट, कागजों पर 87 मजदूरों से काम, जमीन पर सन्नाटा, शिकायत के बाद भी कार्रवाई शून्य
दो कार्यों के नाम पर मजदूरों की ऑनलाइन मौजूदगी, मौके पर काम न होने का आरोप

कागजों पर 87 मजदूरों से काम, जमीन पर सन्नाटा!
भष्करपुर में वीबी-जी राम जी योजना पर उठे सवाल, 10 मस्टररोल से दर्ज हुई हाजिरी
दो कार्यों के नाम पर मजदूरों की ऑनलाइन मौजूदगी, मौके पर काम न होने का आरोप
चकिया, चंदौली। सरकारी योजना में मजदूरों को रोजगार देने का दावा और जमीन पर काम का नामोनिशान नहीं, क्षेत्र के भष्करपुर गांव में वीबी-जी राम जी योजना के तहत कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि कागजों और पोर्टल पर 87 मजदूर काम कर रहे हैं, लेकिन मौके पर सन्नाटा पसरा है। ऐसे में सवाल है कि जब मजदूर जमीन पर दिख नहीं रहे तो आखिर उनकी हाजिरी किस आधार पर दर्ज की गई।
जानकारी के अनुसार, गांव में दो कार्यों के लिए 10 मस्टररोल जारी किए गए हैं। इनमें कुल 87 मजदूरों के नाम ऑनलाइन दर्ज हैं। लेकिन मौके पर कामकाज की स्थिति को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। यदि कार्यस्थल पर मजदूर मौजूद नहीं हैं, तो पोर्टल पर दर्ज हाजिरी की सत्यता की जांच कौन करेगा।
शिकायत के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं
ग्रामीणों का आरोप है कि मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों की शिकायत सही है तो यह केवल ऑनलाइन हाजिरी का मामला नहीं, बल्कि सरकारी धन के संभावित दुरुपयोग की आशंका से भी जुड़ा है।
अब जांच से ही खुलेगा राज
मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि 87 मजदूरों की हाजिरी किसने और किस आधार पर दर्ज की, क्या जिम्मेदार अधिकारियों ने कार्यस्थल का भौतिक सत्यापन किया, शिकायत मिलने के बाद जांच क्यों नहीं हुई, इन सवालों का जवाब जांच और अभिलेखों के सत्यापन से ही सामने आएगा। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी पोर्टल के आंकड़ों से आगे बढ़कर जमीन पर उतरते हैं या कागजी हाजिरी का यह खेल यूं ही चलता रहेगा।




