चकिया में सियासी दावेदारी तेज, रेस में महेंद्र राव की एंट्री, संगठन के सामने रखा राजनीतिक आधार, पूर्व जिला पंचायत सदस्य की सक्रियता से बढ़ी चर्चा, संगठन व चुनावी अनुभव को बनाया आधार
विधानसभा चकिया-383 (सुरक्षित) में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज होने लगी हैं।

चकिया में सियासी दावेदारी तेज, रेस में महेंद्र राव की एंट्री
महेंद्र राव ने संगठन के सामने रखा राजनीतिक आधार
पूर्व जिला पंचायत सदस्य की सक्रियता से बढ़ी चर्चा
संगठन व चुनावी अनुभव को बनाया आधार
चंदौली। विधानसभा चकिया-383 (सुरक्षित) में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज होने लगी हैं। समाजवादी पार्टी के भीतर संभावित प्रत्याशियों को लेकर चर्चाओं के बीच पूर्व जिला पंचायत सदस्य महेंद्र कुमार राव ने पार्टी नेतृत्व के समक्ष अपना राजनीतिक एवं सामाजिक परिचय रखा है। बायोडाटा में संगठनात्मक जिम्मेदारियों, पंचायत की राजनीति, सामाजिक गतिविधियों और विभिन्न चुनावों में पार्टी के लिए किए गए कार्यों को प्रमुखता दी गई है।
चकिया की राजनीति में महेंद्र राव लंबे समय से सक्रिय हैं। उनके राजनीतिक विवरण के अनुसार उन्होंने बहुजन समाज पार्टी में जोन कोआर्डिनेटर, मंडल कोआर्डिनेटर, जिला उपाध्यक्ष, जिला प्रभारी और विधानसभा अध्यक्ष सहित विभिन्न जिम्मेदारियां संभाली हैं। बाद में समाजवादी पार्टी से जुड़े। वर्तमान में वह सपा बाबा साहब आंबेडकर वाहिनी के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं।
पंचायत से संगठन तक सक्रियता
महेंद्र राव का राजनीतिक आधार संगठन तक ही सीमित नहीं रहा है। वह पूर्व जिला पंचायत सदस्य और पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य रह चुके हैं। सहकारिता क्षेत्र में डायरेक्टर और बैंक प्रतिनिधि के रूप में जिम्मेदारी निभाने का भी उनके बायोडाटा में उल्लेख है। इसके अलावा डॉ. भीमराव आंबेडकर सेवा समिति, शिकारगंज-चकिया के अध्यक्ष के रूप में सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहने की बात कही गई है।
विधानसभा क्षेत्र में सपा की गतिविधियों और पीडीए जन चौपाल के जरिए लोगों से संपर्क बनाए रखने का भी उन्होंने उल्लेख किया है। ऐसे में उनकी राजनीतिक प्रोफाइल में संगठन के साथ पंचायत और सामाजिक स्तर की सक्रियता भी शामिल है।
छानबे से मंझवा तक चुनावी अनुभव
महेंद्र राव ने मिर्जापुर जिले की छानबे और मंझवा विधानसभा के उपचुनावों में पार्टी के निर्देश पर काम करने का भी उल्लेख किया है। उनके अनुसार छानबे उपचुनाव में करीब दो माह तक पार्टी प्रत्याशी के लिए कार्य किया। इसके बाद मंझवा उपचुनाव में भी संगठन के निर्देश पर चुनावी गतिविधियों में भाग लिया।
वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में चंदौली की चारों सीटों पर पार्टी प्रत्याशियों के लिए काम करने तथा लोकसभा चुनाव 2024 में चंदौली और राबर्ट्सगंज लोकसभा क्षेत्रों में पार्टी प्रत्याशियों के लिए चुनावी गतिविधियों में भाग लेने का उल्लेख भी उनके बायोडाटा में है।
परिवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि भी बनी आधार
महेंद्र राव के परिवार की भी स्थानीय राजनीति में सक्रियता रही है। उनके अनुसार पिता रामआसरे पूर्व प्रधान और पूर्व बीडीसी रहे हैं तथा सीपीएम से जुड़े मजदूर नेता रहे हैं। माता फूलपत्ती देवी भी पूर्व प्रधान और पूर्व बीडीसी रही हैं। पत्नी पूनम देवी वर्तमान में ग्राम प्रधान हैं।
सुरक्षित सीट पर बढ़ रही राजनीतिक सक्रियता
चकिया विधानसभा अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। 2027 के चुनाव को लेकर अभी प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक दलों में संभावित चेहरों की सक्रियता बढ़ने लगी है। महेंद्र राव ने अपने संगठनात्मक अनुभव, पंचायत की पृष्ठभूमि और चुनावी गतिविधियों का विवरण पार्टी नेतृत्व के सामने रखा है।
अब पार्टी संगठन की आगामी गतिविधियों और नेतृत्व के निर्णय पर नजर रहेगी। चकिया सीट पर सपा की चुनावी रणनीति और प्रत्याशी चयन को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक हलचल और बढ़ने के संकेत हैं।




