कागजों में टीन शेड, जमीन पर झोपड़ी, वन भीषमपुर में कचरा नहीं, पूरा सिस्टम सड़ रहा, CDO साहब ने कहा होगी जांच
शहाबगंज विकासखंड के वन भीषमपुर गांव में ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन योजना खुलकर लूट की कहानी बयां कर रही है। स्वच्छता के नाम पर आई सरकारी धनराशि को कथित तौर पर इस तरह हजम किया गया कि योजना खुद कचरे में तब्दील हो गई।
कागजों में टीन शेड, जमीन पर झोपड़ी: वन भीषमपुर में ‘कचरा’ नहीं, पूरा सिस्टम सड़ रहा है!
चकिया, चंदौली। शहाबगंज विकासखंड के वन भीषमपुर गांव में ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन योजना खुलकर लूट की कहानी बयां कर रही है। स्वच्छता के नाम पर आई सरकारी धनराशि को कथित तौर पर इस तरह हजम किया गया कि योजना खुद कचरे में तब्दील हो गई।
ग्रामीणों के अनुसार, जहां टीन शेड बनना था, वहां केवल घास-फूस की झोपड़ी खड़ी कर खानापूर्ति कर दी गई, जबकि कागजों में पूरा बजट साफ दिखाया जा चुका है। यह हालात साफ संकेत दे रहे हैं कि गांव में विकास नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार की फसल उगाई जा रही है।
यही नहीं, आरोप यह भी है कि रिबोर, सड़क, नाली और शौचालय जैसे जरूरी कार्यों में भी बड़े पैमाने पर घपले किए गए हैं। बार-बार शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अफसरों की चुप्पी इस पूरे खेल पर सवाल खड़े कर रही है।
गांव में चर्चा है कि बिना मिलीभगत के इतना बड़ा खेल संभव नहीं, जिससे प्रशासनिक कार्यशैली पर भी उंगली उठ रही है।
मुख्य विकास अधिकारी आर. जगत साईं ने कहा कि मामले की जानकारी नहीं है। इस तरह का मामला है तो जांच कराकर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। लेकिन अब देखना होगा कि यह बयान भी कागजों तक सीमित रहता है या वाकई दोषियों पर कार्रवाई होती है।
फिलहाल, वन भीषमपुर में स्वच्छता योजना नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार का साम्राज्य खड़ा नजर आ रहा है।




