शहाबगंज: 74 मजदूर कागजों पर, मौके पर एक भी नहीं, हाटा गांव में सरकारी योजना पर उठे सवाल
एक काम के लिए 8 मस्टररोल, पोर्टल पर 74 मजदूरों की हाजिरी; ग्रामीणों ने जांच की मांग की

74 मजदूर कागजों पर, मौके पर एक भी नहीं! हाटा में सरकारी योजना पर उठे सवाल
एक काम के लिए 8 मस्टररोल, पोर्टल पर 74 मजदूरों की हाजिरी; ग्रामीणों ने जांच की मांग की
चंदौली: शहाबगंज विकासखंड के हाटा गांव में वीबी जी राम जी योजना को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. आरोप है कि जिस काम के नाम पर सरकारी रिकॉर्ड में मजदूरों की हाजिरी दर्ज की जा रही है, मौके पर उस काम के लिए एक भी मजदूर मौजूद नहीं मिला।
मामला यहीं खत्म नहीं होता. एक ही कार्य के लिए 8 मस्टररोल जारी किए गए हैं, जिनमें कुल 74 मजदूरों की हाजिरी दर्ज होने की बात सामने आई है. आरोप है कि वीबी जी राम जी पोर्टल पर ऑनलाइन हाजिरी अपडेट की जा रही है, जबकि धरातल पर काम की स्थिति कुछ और ही है.
कागजों में मजदूर, जमीन पर सन्नाटा
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्यस्थल पर मजदूरों की मौजूदगी नहीं होने के बावजूद रिकॉर्ड में उनकी हाजिरी दर्ज की जा रही है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि 74 मजदूरों की हाजिरी आखिर किस आधार पर दर्ज की गई?
ग्रामीणों ने मामले की स्थलीय जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि मस्टररोल, ऑनलाइन हाजिरी और संबंधित कार्य के भुगतान का मौके पर किए गए काम से मिलान कराया जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके.
अब जांच पर टिकी निगाहें
एक काम के लिए आठ मस्टररोल और 74 मजदूरों की हाजिरी के दावे ने योजना की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. यदि जांच में बिना काम के हाजिरी और भुगतान की पुष्टि होती है तो संबंधित जिम्मेदारों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है.
अब बड़ा सवाल है मौके पर मजदूर नहीं थे तो 74 मजदूरों की हाजिरी किसने और किस आधार पर दर्ज की? बिना काम के भुगतान हुआ तो सरकारी धन की जिम्मेदारी किसकी होगी?




