चकिया: बिठवल कला गांव में कूड़ा निस्तारण केंद्र पर ताला, दीवारों में दरार, प्रशासक ग्राम प्रधान की लापरवाही
बिठवल कला में स्वच्छता व्यवस्था बेपटरी, कूड़ा गाड़ी के संचालन पर भी सवाल

कूड़ा निस्तारण केंद्र पर ताला, दीवारों में दरार, प्रशासक ग्राम प्रधान की लापरवाही
बिठवल कला में स्वच्छता व्यवस्था बेपटरी, कूड़ा गाड़ी के संचालन पर भी सवाल
चकिया, चंदौली। सरकार ने गांवों में कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था मजबूत करने के लिए केंद्र बनवाया, लेकिन बिठवल कला में यह व्यवस्था ही सवालों के घेरे में है। स्थानीय विकासखंड के गांव में बना कूड़ा निस्तारण केंद्र लंबे समय से बंद पड़ा है और उसके मुख्य द्वार पर ताला लटक रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि केंद्र के संचालन में जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण सरकारी योजना का उद्देश्य धरातल पर दम तोड़ रहा है।
समय से पहले भवन जर्जर
ग्रामीणों के अनुसार केंद्र का भवन भी निर्माण के कुछ समय बाद ही जर्जर होने लगा है। इसकी दीवारों में दरारें पड़ गई हैं। इससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि निर्माण मानकों के अनुरूप हुआ था तो भवन इतनी जल्दी बदहाल कैसे हो गया, इसकी गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर हुई और जांच में क्या मिला, यह भी स्पष्ट नहीं है।
कूड़ा गाड़ी भी नहीं आती
ग्रामीणों का कहना है कि घर-घर से कूड़ा उठाने के लिए कूड़ा गाड़ी की व्यवस्था की गई है, लेकिन उसका नियमित संचालन नहीं होता। नतीजतन गांव में कूड़ा बिखरा रहता है और निस्तारण केंद्र बंद पड़ा है। ऐसे में स्वच्छता व्यवस्था के नाम पर खर्च हो रही धनराशि और उसके वास्तविक लाभ को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
ग्रामीणों ने प्रशासक ग्राम प्रधान पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि केंद्र के निर्माण से लेकर संचालन और कूड़ा गाड़ी के संचालन तक की व्यवस्था की जांच होनी चाहिए। अब देखना है कि जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर हकीकत जांचते हैं या ताले में बंद यह व्यवस्था यूं ही सरकारी दावों की पोल खोलती रहेगी।




