शहाबगंज: 119 मजदूर कागजों में, मौके पर एक भी नहीं, दो कार्यों पर 13 मस्टररोल ने बढ़ाया सवाल, जिम्मेदारों की भूमिका पर ग्रामीणों ने उठाई उंगली

119 मजदूर कागजों में, मौके पर एक भी नहीं!
दो कार्यों पर 13 मस्टररोल ने बढ़ाया सवाल, जिम्मेदारों की भूमिका पर ग्रामीणों ने उठाई उंगली
चंदौली। शहाबगंज विकासखंड के नौडिहा गांव में वीबी जी राम जी योजना के तहत कराए जा रहे कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि दो कार्यों के नाम पर 13 मस्टररोल जारी कर 119 मजदूरों की उपस्थिति कागजों में दर्ज की जा रही है, जबकि मौके पर कार्यस्थल पर एक भी मजदूर दिखाई नहीं दे रहा है। ऐसे में सरकारी धन से चल रही योजना की निगरानी और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका सवालों के घेरे में आ गई है।
ग्रामीणों के मुताबिक, अभिलेखों में जिस स्थान पर मजदूरों से कार्य कराया जाना दर्शाया गया है, वहां मौके पर काम की स्थिति और मजदूरों की मौजूदगी में भारी अंतर है। कागजों में 119 मजदूरों की मौजूदगी और धरातल पर शून्य श्रमिक होने के आरोप ने योजना के क्रियान्वयन की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा कर दिया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बिना धरातलीय सत्यापन के मस्टररोल पर मजदूरों की संख्या दर्ज की जा रही है। उनका कहना है कि यदि मौके पर वास्तव में 119 मजदूर काम कर रहे हैं तो निरीक्षण के दौरान उनकी उपस्थिति आसानी से सत्यापित की जा सकती है। ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण की मौके पर जांच, मस्टररोल का भौतिक सत्यापन और भुगतान से जुड़े अभिलेखों की जांच कराने की मांग की है।
जिम्मेदारी तय होगी या फिर जांच भी कागजों तक सीमित रहेगी?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब मौके पर मजदूर नहीं हैं तो 119 श्रमिकों की हाजिरी किस आधार पर दर्ज हुई? दो कार्यों के लिए 13 मस्टररोल जारी होने के बावजूद यदि धरातल पर काम और श्रमिकों की मौजूदगी नहीं मिलती है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है? ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।




