चंदौली

शिकारगंज सहकारी समिति के सचिव पर उर्वरक की कालाबाजारी के आरोप, जांच के आदेश

खाद पर ‘खेल’ का आरोप: रसूखदारों को पहले, छोटे किसानों को घंटों लाइन के बाद भी खाली हाथ!

शिकारगंज सहकारी समिति के सचिव पर उर्वरक की कालाबाजारी के आरोप, जांच के आदेश

चंदौली। खरीफ सीजन में खाद के लिए जूझ रहे किसानों ने शिकारगंज बहु-उद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति के सचिव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। किसानों का कहना है कि समिति में उर्वरक वितरण में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है और रसूखदार किसानों को पहले से धनराशि लेकर खाद उपलब्ध करा दी जाती है, जबकि छोटे और सामान्य किसानों को घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।

नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर कई किसानों ने आरोप लगाया कि समिति में खाद वितरण की प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं है। उनका कहना है कि प्रभावशाली किसानों को पहले ही उर्वरक उपलब्ध करा दिया जाता है, जबकि आम किसानों को स्टॉक खत्म होने का हवाला देकर वापस कर दिया जाता है। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि समिति स्तर पर उर्वरक की ब्लैक मार्केटिंग की जा रही है, जिससे वास्तविक जरूरतमंद किसान परेशान हैं।

किसानों का कहना है कि एक ओर बारिश और बुवाई का समय निकल रहा है, दूसरी ओर खाद के लिए रोजाना समिति का चक्कर लगाना पड़ रहा है। इससे खेती का काम प्रभावित हो रहा है और किसानों में भारी नाराजगी है।

इस संबंध में डीएम चन्द्र मोहन गर्ग ने कहा कि समिति में खाद वितरण में अनियमितता और ब्लैक मार्केटिंग के आरोप है तो पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार की गड़बड़ी या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

क्षेत्र के किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि समिति में उपलब्ध उर्वरक का स्टॉक, वितरण रजिस्टर और लाभार्थियों की सूची की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि दोषियों पर कार्रवाई हो सके और जरूरतमंद किसानों को समय पर खाद मिल सके।

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