चंदौली

शहाबगंज: चकमार्ग निर्माण में अनियमितता का आरोप, शिलापट्ट और जमीनी हकीकत में अंतर, वन भीषमपुर गांव का मामला, ग्राम प्रधान पर भ्रष्टाचार का आरोप

शहाबगंज विकासखंड के वनभीषमपुर ग्राम पंचायत में मनरेगा योजना के तहत कराए गए चकमार्ग निर्माण कार्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं। गांव में लगे शिलापट्ट और मौके की स्थिति में अंतर को लेकर ग्रामीणों ने अनियमितता का आरोप लगाया है।

चकमार्ग निर्माण में अनियमितता का आरोप, शिलापट्ट और जमीनी हकीकत में अंतर

चकिया (चंदौली)। शहाबगंज विकासखंड के वनभीषमपुर ग्राम पंचायत में मनरेगा योजना के तहत कराए गए चकमार्ग निर्माण कार्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं। गांव में लगे शिलापट्ट और मौके की स्थिति में अंतर को लेकर ग्रामीणों ने अनियमितता का आरोप लगाया है।

शिलापट्ट के अनुसार वर्ष 2024-25 में रामपति के खेत से शंकर के खेत तक चकमार्ग खुदाई व दोनों ओर पटरी निर्माण का कार्य कराया गया है। इस कार्य की अनुमानित लागत लगभग 1.03 लाख रुपये तथा लंबाई करीब 450 मीटर दर्शाई गई है। साथ ही कार्य से संबंधित आईडी, मानव दिवस और मजदूरी दर का भी उल्लेख किया गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर चकमार्ग निर्माण दर्शाया गया है, वहां कार्य अपेक्षित स्तर पर नहीं दिख रहा है। उनका आरोप है कि मार्ग अब भी कच्चा और अधूरा है, जबकि शिलापट्ट पर कार्य पूर्ण होने का संकेत मिलता है। कुछ ग्रामीणों ने मजदूरी भुगतान और कार्य की गुणवत्ता पर भी प्रश्न उठाए हैं।

इस संबंध में ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच कराए जाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि कार्य सही तरीके से नहीं हुआ है, तो इसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

वहीं, संबंधित अधिकारियों का कहना है कि मामले की जानकारी मिलने पर जांच कराई जाएगी और यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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